Dhanbad News: धनबाद के सिंह मेंशन में देर रात हुई बमबाजी की घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया. जिस वक्त विस्फोट हुआ उस समय पूर्व विधायक संजीव सिंह अपने परिवार के साथ परिसर के बाहर मौजूद थे. संयोग से सभी लोग समय रहते अंदर चले गए और किसी को कोई चोट नहीं आई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है.
अंदर जाते ही हुआ धमाका
संजीव सिंह के अनुसार रात करीब 11:30 बजे वे अपने परिवार के साथ बाहर बैठे थे. कुछ ही देर में वे घर के भीतर चले गए. उसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने परिसर की ओर विस्फोटक फेंक दिया. तेज रोशनी के साथ धूलनुमा पदार्थ फैल गया. बाद में पता चला कि यह बम था. घटना की सूचना तुरंत एसएसपी को दी गई.
पुलिस ने घेराबंदी कर जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. पूरे परिसर की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
वायरल चिट्ठी को बताया अप्रमाणित
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित चिट्ठी को लेकर संजीव सिंह ने कहा कि घटना के कुछ ही सेकेंड बाद परिवार के सभी सदस्य गेट के बाहर आ गए थे. वहां किसी प्रकार की कोई चिट्ठी नहीं मिली. उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल पत्र की कोई पुष्टि नहीं है और पुलिस इसकी जांच कर रही है.
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि बमबाजी अब सिर्फ एक घर की नहीं बल्कि पूरे जिले की समस्या बनती जा रही है. इस तरह की घटनाएं आम लोगों में भय पैदा कर रही हैं. उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
दो देसी बम फेंके गए
सिटी एसपी ऋतिक श्रीवास्तव ने बताया कि देर रात करीब 11:45 बजे सिंह मेंशन में दो देसी बम फेंके गए. एक आवास के बाहर और एक आवास के अंदर. प्रथम दृष्टया मामला दहशत फैलाने का प्रतीत होता है. यदि जानमाल को नुकसान पहुंचाने की मंशा होती तो विस्फोटक और घातक होता. दो जांच टीमें गठित की गई हैं.
सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद सिंह मेंशन और आसपास के इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है. संदिग्धों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किए जाने का दावा किया जा रहा है.
यह घटना बताती है कि शहर में आपराधिक तत्व किस हद तक बेखौफ हो चुके हैं. राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील इलाकों में इस तरह की वारदातें आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं. समय रहते कार्रवाई और सख्त निगरानी ही ऐसे मामलों पर रोक लगा सकती है.