Chaibasa News: चाईबासा में बीएड, एमएड और बीपीएड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के आयोजन के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया. रविवार को उपायुक्त मनीष कुमार ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परखी तैयारियां
उपायुक्त ने मांगीलाल रुंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय तथा पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र का दौरा किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और केंद्राधीक्षकों से परीक्षा प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा की.
सुविधाओं पर रहा विशेष फोकस
निरीक्षण के क्रम में डीसी ने परीक्षा कक्षों में रोशनी, पंखों की व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता और परीक्षार्थियों के सामान रखने की सुविधा का जायजा लिया. उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित रहें.
निष्पक्ष परीक्षा कराने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने केंद्राधीक्षकों और शिक्षकों को परीक्षा संचालन में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कदाचारमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. परीक्षा के दौरान अनुशासन और निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए.
सुरक्षा और व्यवस्था की भी हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश प्रबंधन और बैठने की व्यवस्था का भी अवलोकन किया. प्रशासन की ओर से परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे.
बड़ी संख्या में शामिल हुए अभ्यर्थी
रविवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित बीएड, एमएड और बीपीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हुए. परीक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुटा हुआ था. केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी ताकि परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके.
निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, गोपनीय शाखा के प्रभारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. उपायुक्त के दौरे के बाद परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया.