Bihar News: बिहार की सियासत में नया दौर शुरू हो गया है. गांधी मैदान में गुरुवार को नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी शपथ ली. इसके बाद कुल 27 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस भव्य समारोह में शरीक हुए.
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को सबसे पहले शपथ दिलाई. फिर सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर कसम खाई. भाजपा की तरफ से दिलीप जायसवाल, मंगल पांडे, विजय कुमार चौधरी, विजयेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली. जेडीयू की ओर से लेसी सिंह, नितिन नवीन, मदन सहनी, राम कृपाल यादव, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार ने शपथ ग्रहण की. लोक जनशक्ति पार्टी से संजय कुमार पासवान और संजय सिंह, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से संतोष कुमार सुमन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश ने भी जगह बनाई. यह कैबिनेट एनडीए की प्रचंड जीत का आईना है जहां भाजपा को सबसे ज्यादा 14 मंत्री, जेडीयू को 8, एलजेपी को 2 और छोटे दलों को एक एक बर्थ मिली.
मंच पर पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ नजर आए. मोहन यादव ने नीतीश को बधाई दी. चंद्रबाबू नायडू ने कहा एनडीए की जीत से बिहार तरक्की की राह पकड़ेगा. पुष्कर सिंह धामी ने मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की तारीफ की. योगी आदित्यनाथ ने कहा नीतीश के अनुभव और डबल इंजन के प्रयासों का नतीजा है यह सफलता. उन्होंने नीतीश, सम्राट, विजय सिन्हा और पूरी कैबिनेट को बधाई दी.
समारोह में एनडीए की एकजुटता का जबरदस्त प्रदर्शन हुआ. 202 सीटों के साथ एनडीए ने विधानसभा में तीन चौथाई बहुमत हासिल किया है. भाजपा के 89, जेडीयू के 85, एलजेपी के 19, हम के 5 और आरएलएम के 4 विधायक हैं.
नीतीश कुमार का दसवां शपथ ग्रहण सिर्फ संख्या का खेल नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में उनकी बेजोड़ पकड़ का सबूत है. एनडीए की प्रचंड जीत के बाद कैबिनेट में भाजपा का दबदबा साफ दिख रहा है लेकिन नीतीश को कमान सौंपकर गठबंधन की मजबूती बरकरार रखी गई. छोटे दलों को जगह देकर सभी को संतुष्ट करने की कोशिश की गई जो आने वाले दिनों में गठबंधन को एकजुट रखेगी. विपक्ष महागठबंधन की हार के बाद सड़क पर उतरेगा लेकिन एनडीए का बहुमत इतना मजबूत है कि सरकार को कोई खतरा नहीं. मोदी शाह की मौजूदगी से यह समारोह राष्ट्रीय स्तर का संदेश भी दे गया कि बिहार अब विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा.