Bihar News: बिहार के बेतिया स्थित योगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत में गंडक नदी के कटाव और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. तेज धारा की चपेट में करीब 35 घरों के आने की बात सामने आई है. गांव में पानी भरने से आवागमन प्रभावित है और कई परिवार अपने घरों को खुद तोड़कर ईंट, सामान और जरूरी चीजें सुरक्षित निकालने में जुटे हैं.
देखते ही देखते नदी में समाए घर, पूरा गांव बना टापू
गंडक के तेज कटाव से कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि जिन मकानों को बनाने में वर्षों की कमाई लगी, उन्हें अब मजबूरी में खुद तोड़ना पड़ रहा है. लोग घरों से ईंट, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि जो मकान अभी बचे हैं, वे भी कटाव की चपेट में आ सकते हैं.
बाढ़ के पानी से गांव का संपर्क प्रभावित हो गया है. ग्रामीणों के मुताबिक, फिलहाल आने-जाने के लिए सिर्फ तीन नावों का सहारा है. इससे रोजमर्रा की जरूरतों के साथ राहत सामग्री पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है. बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें जल्द राहत और सुरक्षित स्थान की जरूरत है. ग्रामीणों के मुताबिक, हर साल बाढ़ और कटाव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया.
जनप्रतिनिधियों पर ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बाढ़ से राहत, सड़क और गांव को सुरक्षित करने के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव को लेकर आधिकारिक जानकारी भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है.
गंडक का कटाव सिर्फ जमीन और मकानों को नुकसान नहीं पहुंचा रहा, बल्कि प्रभावित परिवारों की वर्षों की जमा-पूंजी और मेहनत भी खत्म हो रही है. अब ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित ठिकाने और तत्काल राहत की है.