Aaj Ka Panchang: 12 अगस्त 2026, बुधवार को श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रात 11:06 बजे तक रहेगी. इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू होगी. दिनभर चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे. पुष्य नक्षत्र सुबह 07:59 बजे तक रहेगा, फिर अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा. जानें आज का पंचांग, राहुकाल, चौघड़िया और पूजा का शुभ समय.
अमावस्या के बाद प्रतिपदा शुरू
शक संवत 1948 और विक्रम संवत 2083 के अनुसार आज श्रावण कृष्ण अमावस्या है. अमावस्या तिथि रात 11:06 बजे तक रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा. सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल और वर्षा ऋतु में रहेंगे. चंद्रमा का संचार पूरे दिन-रात कर्क राशि में रहेगा.
पुष्य के बाद अश्लेषा नक्षत्र
आज पुष्य नक्षत्र सुबह 07:59 बजे तक रहेगा. इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र की शुरुआत होगी. वहीं व्यतीपात योग दोपहर 03:26 बजे तक रहेगा, फिर वरीयान योग शुरू होगा. करण की बात करें तो चतुष्पाद करण दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा. इसके बाद नागव करण शुरू होगा.
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 05:48 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:03 बजे
चंद्रोदय: आज नहीं होगा, क्योंकि अमावस्या है
चंद्रास्त: शाम 06:51 बजे
सूर्य देव कर्क राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्र देव भी कर्क राशि में संचार कर रहे हैं.
ब्रह्म मुहूर्त का समय
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 03:55 बजे से 04:41 बजे तक रहेगा. पूजा-पाठ और ध्यान के लिए यह समय शुभ माना जाता है. आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है. अमृत काल अगले दिन यानी 13 अगस्त को तड़के 04:38 बजे से सुबह 06:06 बजे तक रहेगा.
आज का चौघड़िया
* लाभ: सुबह 05:48 से 07:28 बजे तक.
* अमृत: सुबह 07:28 से 09:07 बजे तक.
* काल: सुबह 09:07 से 10:47 बजे तक.
* शुभ: सुबह 10:47 से दोपहर 12:26 बजे तक.
राहुकाल में शुभ काम से बचें
बुधवार को आज राहुकाल दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा. इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है. गुलिक काल: सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक. यमगंड: सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक.
बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. आज गणपति को दुर्वा अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं. इसके साथ गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करने की सलाह दी जाती है.