Aaj Ka Panchang: आज आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशभर में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है. इस दिन गुरु की पूजा, आशीर्वाद प्राप्त करने और ज्ञान के प्रति सम्मान व्यक्त करने की परंपरा है. गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है. आइए जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग.
गुरु पूर्णिमा का महत्व
सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान का स्रोत और जीवन का मार्गदर्शक माना गया है. मान्यता है कि गुरु अपने ज्ञान से शिष्य के जीवन का अज्ञान दूर कर सही मार्ग दिखाते हैं. इसी कारण यह दिन गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका सम्मान करने के लिए विशेष माना जाता है. महर्षि वेदव्यास की जयंती होने के कारण इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है.
गुरु पूर्णिमा 2026 तिथि
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 28 जुलाई, शाम 6:18 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 29 जुलाई, रात 8:05 बजे
आज का पंचांग
तिथि: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा (रात 8:05 बजे तक), इसके बाद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
योग: प्रीति योग (रात 11:58 बजे तक), फिर आयुष्मान योग
करण: विष्टि (भद्रा) सुबह 7:14 बजे तक, इसके बाद बव, रात 8:05 बजे तक, फिर बालव
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय: सुबह 5:41 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:14 बजे
चंद्रोदय: शाम 7:21 बजे
चंद्रास्त: आज चंद्रास्त नहीं होगा
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्य: कर्क राशि में
चंद्रमा: मकर राशि में
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: आज नहीं है
अमृत काल: सुबह 8:34 बजे से 10:20 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 12:27 बजे से 2:09 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:46 बजे से 12:27 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 7:22 बजे से 9:04 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में दोपहर 3:37 बजे तक रहेंगे. इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा.
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की विशेषताएं
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्मे लोग मेहनती, अनुशासित, धैर्यवान, विश्वसनीय और धार्मिक स्वभाव के माने जाते हैं. इस नक्षत्र के देवता विश्वेदेव और स्वामी सूर्यदेव हैं.
पूजा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु, माता-पिता और अपने मार्गदर्शकों का सम्मान करें. पूजा के समय राहुकाल से बचने का प्रयास करें और शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु, महर्षि वेदव्यास तथा अपने गुरु का पूजन करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से ज्ञान, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है.