Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-04

Political News: भाजपा में “व्यक्ति नहीं, पद सर्वोपरि", गुटबाजी और जातीय राजनीति पर संगठन का कड़ा संदेश

Political News: भारतीय जनता पार्टी के संगठन में इन दिनों कुछ बदला-बदला सा माहौल है. ऊपर से नीचे तक एक ही संदेश दिया जा रहा है कि पार्टी में अब व्यक्ति नहीं, पद बड़ा होगा. नाम, पहचान और पुराने समीकरण पीछे छूटेंगे और आगे चलेगा सिर्फ अनुशासन. संगठन के गलियारों में साफ कहा जा रहा है कि भाजपा अब नई कार्यशैली के साथ आगे बढ़ रही है और इसमें किसी तरह की ढील की गुंजाइश नहीं है.

आधिकारिक बातचीत में प्रोटोकॉल का पूरा पालन होगा
राष्ट्रीय स्तर पर नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के आने के बाद यह संदेश और तेज हो गया है. नितिन नबीन उम्र और अनुभव में भले ही कई वरिष्ठ नेताओं से छोटे हों, लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया है कि पद मिलने के बाद उन्हें उसी गरिमा के साथ संबोधित किया जाएगा. अंदरखाने यह बात सामने आई थी कि कुछ वरिष्ठ नेता आपसी बातचीत में उन्हें नाम से पुकार रहे थे. जैसे ही यह मामला संगठन तक पहुंचा, तुरंत सख्त निर्देश जारी कर दिए गए कि आधिकारिक बातचीत में प्रोटोकॉल का पूरा पालन होगा, चाहे निजी रिश्ते कितने ही पुराने क्यों न हों.

जल्द ही पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं नितिन नबीन
संगठन का मानना है कि यह सख्ती वक्त की मांग है, क्योंकि नितिन नबीन के जल्द ही पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की चर्चा तेज है. दिलचस्प बात यह है कि खुद नबीन अपने व्यवहार में बेहद सादे और सहज हैं. वे आज भी वरिष्ठ नेताओं से उसी पुराने सम्मान और आत्मीयता के साथ मिलते हैं, लेकिन पार्टी यह साफ करना चाहती है कि सादगी और अनुशासन को एक-दूसरे से गड्डमड्ड नहीं किया जाएगा. संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि नेतृत्व का सम्मान हर हाल में होगा.

इसी अनुशासन की गूंज उत्तर प्रदेश में भी सुनाई देने लगी है. नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कुर्सी संभालते ही संगठन में फैली खेमेबाजी पर सीधा वार कर दिया है. हाल के दिनों में एक खास जाति से जुड़े विधायकों की अलग बैठक और गुटबंदी की खबरों ने पार्टी को असहज किया था. पंकज चौधरी ने बिना लाग-लपेट के साफ शब्दों में कहा कि जाति के नाम पर राजनीति करना और अलग-अलग खेमे बनाना भाजपा की लाइन नहीं है.

पार्टी संविधान से बाहर जाकर कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं
प्रदेश अध्यक्ष के इस कड़े रुख को सीधे तौर पर मिशन-2027 से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी के भीतर यह चर्चा आम है कि चुनाव नजदीक आते ही टिकट की होड़ तेज हो जाती है और ऐसे में कई नेता गुट बनाकर दबाव की राजनीति करने लगते हैं. पंकज चौधरी ने यह साफ कर दिया है कि अब यह खेल नहीं चलेगा. पार्टी संविधान से बाहर जाकर कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सूत्रों की मानें तो इस सख्ती से उन नेताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं, जो अब तक जातिगत समीकरण और गुटबाजी के सहारे अपनी सियासी जमीन मजबूत मानते थे. ऐसे नेताओं को डर सता रहा है कि अगर उनकी पुरानी कारगुजारियों की रिपोर्ट नए अध्यक्ष तक पहुंच गई, तो उनका भविष्य अधर में लटक सकता है. वहीं पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग इस फैसले को सही दिशा में उठाया गया कदम मान रहा है.

नए अनुशासन और प्रोटोकॉल की चर्चा जोरों पर
कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव से पहले अनुशासन का यह संदेश बेहद जरूरी था. बिना एकजुटता के चुनावी रण नहीं जीता जा सकता और बिना लाइन के संगठन नहीं चलता. यही वजह है कि आज भाजपा मुख्यालय से लेकर जिला कार्यालयों तक नए अनुशासन और प्रोटोकॉल की चर्चा जोरों पर है. पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि अब न गुट चलेगा, न जाति का सहारा मिलेगा. संगठन में वही टिकेगा, जो पार्टी की तय लाइन पर चलेगा और नेतृत्व के फैसलों को बिना सवाल स्वीकार करेगा.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !