Jharkhand: झारखंड सरकार ने इंटर कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) को निर्देश दिया है कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी विषय में 512 सीटों से अधिक या पहले से स्वीकृत यूनिट से ज्यादा सीटें मंजूर नहीं की जाएंगी।
शिक्षण संस्थानों में संकायों के बीच असंतुलन
सरकार का मानना है कि कई शिक्षण संस्थानों में संकायों के बीच असंतुलन देखने को मिल रहा है। खासतौर पर कला संकाय में छात्रों की संख्या जरूरत से ज्यादा है, जबकि विज्ञान संकाय में नामांकन अपेक्षा से कम है। इसी वजह से कॉलेज प्रबंधन सीट बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर, बुंडू के अमानत अली इंटर कॉलेज में कला संकाय में 1252 छात्र पढ़ रहे हैं, जबकि विज्ञान संकाय में यह संख्या 757 है। इसी तरह बेथेसदा महिला इंटर कॉलेज में कला में 738 छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन विज्ञान संकाय में सिर्फ 110 छात्राएं ही पढ़ाई कर रही हैं।
अतिरिक्त सीटों की अनुमति किसे मिलेगी जानें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त सीटों की अनुमति केवल उन्हीं कॉलेजों को दी जाएगी, जहां पर्याप्त आधारभूत संरचना मौजूद हो। इसमें भवन, प्रयोगशालाएं, आवश्यक उपकरण, योग्य शिक्षक और सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता अनिवार्य होगी। साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि सीट बढ़ाने से संस्थान पर कितना अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
इंटर कॉलेज को सीट विस्तार की अनुमति नहीं
स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा है कि भविष्य में यदि किसी कॉलेज में संसाधनों की कमी या किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो इसकी जवाबदेही जैक की होगी। अब बिना पर्याप्त संसाधन और संतुलित नामांकन के किसी भी इंटर कॉलेज को सीट विस्तार की अनुमति नहीं दी जाएगी।