Jamshedpur News: जमशेदपुर में रेलवे अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज होने वाला है. टाटानगर स्टेशन चौक से कीताडीह रोड तक रेलवे का बुलडोजर 5 जनवरी को चल सकता है. डीआरएम के निर्देश पर रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने गुरुवार को आरपीएफ जवानों के साथ स्टेशन चौक से बागबेड़ा थाना मोड़ तक स्थित 27 लीजधारी दुकानों को अंतिम नोटिस सौंपा है.
3 जनवरी तक जमीन खाली करने का आदेश
रेलवे की ओर से दुकानदारों को 3 जनवरी तक जमीन खाली करने का आदेश दिया गया है. तय समयसीमा के बाद 5 जनवरी को दुकानों को ध्वस्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है. स्टेशन चौक से कीताडीह रोड के दुकानदारों ने राहत की उम्मीद में जमशेदपुर के सांसद से भी मुलाकात की थी, लेकिन उन्हें किसी तरह की छूट नहीं मिली. इसके बाद रेलवे ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया.
दुकानदार पिछले 50 से 60 वर्षों से रेलवे की जमीन पर कर रहे हैं व्यवसाय
बताया जा रहा है कि इनमें से कई दुकानदार पिछले 50 से 60 वर्षों से रेलवे की जमीन पर व्यवसाय कर रहे हैं. नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों में बेचैनी बढ़ गई है. हालांकि रेलवे के तीसरे नोटिस के बाद चार दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली कर दी हैं. अन्य दुकानदारों ने वैकल्पिक स्थानों पर कारोबार शुरू करने की तैयारी कर ली है.
कुल 32 दुकानदारों को थमाया गया नोटिस
रेलवे सूत्रों के अनुसार टाटानगर स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत फिलहाल स्टेशन चौक से कीताडीह रोड में रनिंग रूम तक के दुकानदारों को ही नोटिस दिया गया है. इस दायरे में कुल 32 दुकानदारों को नोटिस थमाया गया है. दूसरे चरण में कीताडीह त्रिमूर्ति चौक से पूर्व नाला तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी. इस चरण में 100 से अधिक लोगों को रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने जमीन खाली करने का आदेश दिया है.
गुदड़ी बाजार भी रेलवे के रडार पर
टाटानगर स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत जुगसलाई रोड स्थित गुदड़ी बाजार भी रेलवे के रडार पर है. हालांकि फिलहाल वहां किसी दुकानदार को नोटिस नहीं दिया गया है. जानकारों के अनुसार स्टेशन रोड स्थित पेट्रोल पंप के बगल से खासमहल तक प्रस्तावित नई सड़क के निर्माण के दौरान गुदड़ी बाजार के सामने की कुछ दुकानों को तोड़ा जा सकता है. इसका उद्देश्य यातायात सुरक्षा को बेहतर बनाना है. बर्मामाइंस ओवरब्रिज से जुगसलाई स्टेशन रोड की ओर आने वाले वाहनों के लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और गोलचक्कर निर्माण की योजना पर भी विचार किया जा रहा है.
रेलवे की कार्रवाई से वर्षों पुराने व्यवसायों पर संकट
टाटानगर स्टेशन पुनर्विकास के तहत रेलवे की कार्रवाई से वर्षों पुराने व्यवसायों पर संकट खड़ा हो गया है. एक ओर रेलवे बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से बसे दुकानदारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था का सवाल भी खड़ा हो रहा है. प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि विकास कार्यों के साथ प्रभावित लोगों के हितों का संतुलन कैसे बनाया जाए.