Jharkhand News: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को गांव गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से 6 से 10 जनवरी 2026 तक प्रखंड स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन राज्य के 264 प्रखंडों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर किया जाएगा. मेले की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के साथ समीक्षा बैठक की.
मेले में आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड बनाने की सुविधा
अभियान निदेशक ने बताया कि स्वास्थ्य मेले के दौरान टीबी मलेरिया परिवार नियोजन समेत विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लोगों को दी जाएगी. इसके साथ ही आम नागरिकों की मुफ्त जांच की जाएगी और आवश्यक दवाओं का वितरण किया जाएगा. मेले में आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड बनाने की सुविधा रहेगी और पात्र लाभुकों को कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे. आयुष चिकित्सा पद्धति से जुड़ी जानकारियां भी लोगों तक पहुंचाई जाएंगी.
आंखों की जांच और जरूरतमंदों को चश्मा उपलब्ध कराने की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य मेला स्थल पर बीपी और शुगर की जांच, आंखों की जांच और जरूरतमंदों को चश्मा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. सभी शिविरों में सिकल सेल की स्क्रीनिंग और रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे. स्वास्थ्य केंद्रों की बेहतर ब्रांडिंग करने और सूचना शिक्षा एवं संचार से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है. यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के सभागार से आयोजित की गई. बैठक के दौरान राज्य टीबी पदाधिकारी डॉ कमलेश ने जिलों के साथ टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा की. वहीं नोडल आईसी ऑफिसर डॉ लाल माझी ने प्रखंड स्वास्थ्य मेला की संपूर्ण कार्ययोजना की जानकारी साझा की.
बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जन एसीएमओ जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीपीसी ब्लॉक स्तर के चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए. राज्य स्तर से आईसी और डाटा सेल के परामर्शी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद रहे.
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जा रहा
प्रखंड स्वास्थ्य मेला राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जा रहा है. एक साथ कई जांच सुविधाएं और योजनाओं का लाभ मिलने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ने की संभावना है. आने वाले समय में इस तरह के आयोजनों से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों मजबूत हो सकते हैं.