Jharkhand News: पलामू जिले के पोलपोल गांव निवासी 28 वर्षीय संदीप सिंह की कर्नाटक के बेंगलुरु में बेरहमी से हत्या कर दी गई. 25 दिसंबर को कोलार इलाके में संदीप का गला रेतकर हत्या किए जाने की घटना सामने आई. सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में मातम पसर गया.
गांव पहुंचा शव तो छाया मातम
पोस्टमार्टम के बाद संदीप का शव बेंगलुरु से रांची होते हुए पलामू लाया गया. जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक का अंतिम संस्कार किया गया.
परिवार का एकमात्र सहारा था संदीप
संदीप सिंह बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे. वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनकी असमय मौत से घर की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई है.
कॉन्ट्रैक्टर पर साजिश का आरोप
मृतक के परिजनों ने कंपनी के कॉन्ट्रैक्टर नूर सईद पाशा पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है. संदीप के भाई ने बताया कि पैसे के लेनदेन को लेकर कॉन्ट्रैक्टर के साथ विवाद चल रहा था. परिजनों का कहना है कि इसी विवाद के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया.
निष्पक्ष जांच की मांग
परिवार ने स्थानीय प्रशासन के साथ कर्नाटक सरकार, झारखंड सरकार और केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा दिलाने की अपील की गई है.
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. रोजी रोटी की तलाश में घर से दूर रहने वाले मजदूर कई बार शोषण और हिंसा का शिकार हो जाते हैं. ऐसे मामलों में त्वरित जांच और कठोर कार्रवाई न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी अहम है.