क्षेत्र के आर्थिक हालात भी बेहतर होंगे
बैठक में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में वेदांता कंपनी के खुलने के पक्ष में अपनी सहमति जताई। मजदूरों ने कहा कि कंपनी का संचालन शुरू होना न सिर्फ उनके रोजगार के लिए जरूरी है, बल्कि इससे उनके परिवारों और पूरे क्षेत्र के आर्थिक हालात भी बेहतर होंगे।
भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए
बैठक के दौरान मजदूरों ने वेदांता प्रबंधन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीएफ (भविष्य निधि) और ग्रेच्युटी (सेवानिवृत्ति लाभ) से जुड़े उनके अधिकारों को लेकर वेदांता प्रबंधन से ठोस और स्पष्ट व्यवस्था की मांग की जाएगी। मजदूरों का कहना था कि वर्षों की सेवा के बाद उनका सामाजिक और आर्थिक भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए।
सकारात्मक बदलाव आएगा
मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बीते करीब 25 वर्षों से केबल कर्मचारियों ने लगातार संघर्ष किया है। लंबे समय तक अनिश्चितता और बंदी के दौर से गुजरने के बाद अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि वेदांता कंपनी के शुरू होने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की सभी समस्याओं, सुझावों और मांगों को एकजुट रूप से वेदांता प्रबंधन के सामने रखा जाएगा, ताकि आपसी संवाद और सहमति के माध्यम से कंपनी का कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके। मजदूरों ने भरोसा जताया कि कर्मचारी और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल से ही उद्योग और श्रमिक—दोनों का हित सुरक्षित रह सकता है।
बैठक में मौजूद रहे
बैठक में मौजूद सभी कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे वेदांता के साथ हैं और चाहते हैं कि कंपनी जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ खुले। मजदूर संघ ने आगे भी कर्मचारियों को संगठित रखने और उनके हक की लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लड़ने का संकल्प दोहराया। इसमें मुख्य रूप से रविन्द्र मिश्रा,संजय शर्मा,संजय चौधरी, चंद्रशेखर दुबे उपस्थित थे ।