Jamshedpur News : जमशेदपुर के सरकारी स्कूल, जहां दिन के समय बच्चों की पढ़ाई होती है, वहीं शाम ढलते ही कई स्कूल परिसर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। स्कूल बंद होने के बाद परिसर में शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का खुलेआम सेवन किया जा रहा है। कई जगहों पर देर रात तक अड्डेबाजी, विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कुछ सरकारी स्कूल परिसरों में हत्या जैसी सनसनीखेज घटनाएं भी हो चुकी हैं।हाल ही में परसुडीह के सोपोडेरा स्थित राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में एक नाबालिग किशोरी की हत्या ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था नाममात्र की है। छुट्टी के बाद न तो कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद रहता है और न ही पुलिस की नियमित गश्ती होती है। इसी का फायदा अपराधी और असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।शहर के कई सरकारी स्कूलों में चहारदीवारी नहीं है या फिर दीवारें जर्जर और टूटी हुई हैं। कई स्कूलों की बाउंड्री वॉल इतनी नीची है कि कोई भी आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है। यही वजह है कि स्कूल बंद होते ही परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और वहां नशाखोरी व अड्डेबाजी शुरू हो जाती है। कई बार इन्हीं अड्डों पर विवाद बढ़ने के बाद मारपीट और गंभीर अपराध की घटनाएं भी सामने आई हैं।
सरकारी स्कूल परिसरों में पहले भी हो चुकी हैं हत्या की वारदातें
21 मार्च 2025 को उलियान खनकाह कुँवर सिंह रोड स्थित राष्ट्रीय मध्य विद्यालय के एक कमरे से युवक सौरभ शर्मा उर्फ पवन का शव बरामद हुआ था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि स्कूल परिसर में चल रही अड्डेबाजी के दौरान विवाद के बाद उसकी हत्या हुई थी। मौके से शराब की बोतलें भी बरामद हुई थीं।
इसके बाद 9 मई 2026 को परसुडीह के सोपोडेरा स्थित राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में 16 वर्षीय किशोरी सुमन हांसदा का शव मिला। सुमन बिरसानगर की रहने वाली थी और एक घर में बच्चों की देखभाल का काम करती थी। वह शुक्रवार से लापता थी। पुलिस के अनुसार किशोरी की गला दबाकर हत्या की गई। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने दुष्कर्म की आशंका से इनकार करते हुए जल्द मामले के खुलासे का दावा किया है।
इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर स्कूल परिसरों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
लोगों की मांग, स्कूल परिसरों में CCTV और रात में बढ़े पुलिस पेट्रोलिंग
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी सरकारी स्कूल परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, स्कूलों की चहारदीवारी मजबूत की जाए और रात के समय नियमित पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूल बंद होने के बाद बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने की भी मांग की गई है।
लोगों का कहना है कि स्कूल शिक्षा और बच्चों के भविष्य को संवारने की जगह हैं, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से ये परिसर अपराध और असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि शिक्षा के मंदिरों को अपराधियों और नशेड़ियों के कब्जे से मुक्त कराया जा सके।