Jamshedpur: जमशेदपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय, बिष्टुपुर में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार विद्वेष की राजनीति के तहत जनविरोधी फैसले ले रही है और आम जनता के अधिकारों को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है।
लेकिन नया कानून इन अधिकारों को कमजोर करता
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर उसे समाप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है। मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम – VB-ग्राम जी एक्ट थोपना ग्रामीण भारत के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों से उनका काम का कानूनी अधिकार छीन लिया है।
मनरेगा की जगह VB-ग्राम जी एक्ट से ग्रामीणों पर संकट
केशव महतो कमलेश ने कहा कि मनरेगा ने वर्षों के संघर्ष के बाद ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों के काम की गारंटी दी थी, जिससे दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और गरीब तबकों को आर्थिक सुरक्षा मिली। लेकिन नया कानून इन अधिकारों को कमजोर करता है।
उन्होंने VB-ग्राम जी एक्ट की खामियों को गिनाते हुए कहा
कम काम के दिन और खोखले वादे : मनरेगा में मांग पर 100 दिन का काम मिलता था, जबकि नए कानून में 125 दिन का दावा होने के बावजूद काम आपूर्ति आधारित होगा। बजट सीमित होने से वास्तव में मजदूरों को कम दिन काम मिलेगा और भुगतान में देरी होगी। सीमित पहुंच : पहले मजदूर किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में काम मांग सकते थे, लेकिन अब काम केवल केंद्र द्वारा अधिसूचित पंचायतों तक सीमित रहेगा, जिससे कई गांव योजना से बाहर हो जाएंगे।
वर्ष भर की रोजगार गारंटी खत्म : मनरेगा खेती के कठिन समय में मजदूरों को सहारा देता था, जबकि नए एक्ट में बुवाई और कटाई के दौरान 60 दिन ‘नो वर्क’ जोड़े गए हैं, जिससे मजदूरों को कम मजदूरी पर काम करने को मजबूर होना पड़ेगा।
मजदूरी में अनिश्चितता : मनरेगा में मजदूरी महंगाई से जुड़ी थी, लेकिन नए कानून में मजदूरी की कोई ठोस गारंटी नहीं है। स्थानीय जरूरतों की अनदेखी : पहले ग्रामसभा गांव की जरूरतों के अनुसार काम तय करती थी, अब केंद्र सरकार परियोजनाएं तय करेगी, जिससे स्थानीय विकास प्रभावित होगा। बायोमेट्रिक बाधाएं : अनिवार्य फिंगरप्रिंट और फोटो के कारण बुजुर्ग और मेहनतकश मजदूर मजदूरी से वंचित हो सकते हैं। कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा : गांवों के जरूरी कार्यों के बजाय बड़ी सड़कों और राष्ट्रीय परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे पंचायत विकास को नुकसान होगा।
बनेगी और बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ेगा
ठेकेदारों की वापसी : मनरेगा में ठेकेदारों पर रोक थी, लेकिन नए कानून में उन्हें अनुमति दी जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका है। प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि इन बदलावों से ग्रामीण संकट और गहराएगा, पलायन बढ़ेगा, दलित-आदिवासियों में बंधुआ मजदूरी की स्थिति बनेगी और बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ेगा।
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस ने स्पष्ट मांग की, मनरेगा को पूरी तरह बहाल किया जाए VB-ग्राम जी एक्ट को तत्काल निरस्त किया जाए ग्रामीणों को उनका कानूनी काम का अधिकार, उचित मजदूरी और स्थानीय सशक्तिकरण वापस दिया जाए कांग्रेस स्थापना दिवस को लेकर आह्वान प्रेस वार्ता के दौरान केशव महतो कमलेश ने बताया कि 28 दिसंबर को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 140 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
इस अवसर पर पूरे झारखंड में कांग्रेस स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी पदाधिकारियों, प्रखंड अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों, पंचायत अध्यक्षों, बीएलए-2 सदस्यों, अग्रणी संगठनों एवं सभी मोर्चा संगठनों के पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने घरों पर कांग्रेस का झंडा फहराएं।
विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं
उन्होंने कहा कि झंडा फहराते हुए एक फोटो खींचकर प्रदेश, जिला, प्रखंड कार्यालय और सोशल मीडिया पर पोस्ट करना अनिवार्य होगा। यह अभियान कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में पार्टी की भूमिका को याद दिलाने का माध्यम बनेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कमेटियों को झंडा और पर्चा उपलब्ध करा दिया गया है। जिनके पास झंडा नहीं है, वे कार्यालय से प्राप्त कर इस अभियान में भाग लें और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं।