Odisha News: क्रिसमस के दिन ओडिशा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ ने नक्सल मोर्चे पर एक बड़ा मोड़ ला दिया. लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर चल रहे शीर्ष माओवादी कमांडर का अंत इसी ऑपरेशन में हो गया. इस कार्रवाई को ओडिशा में माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
कुल चार माओवादी ढेर
ओडिशा पुलिस और सुरक्षा बलों ने क्रिसमस के दिन संयुक्त ऑपरेशन में सीपीआई माओवादी के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों के प्रमुख कमांडर गणेश उइके को मार गिराया. इस मुठभेड़ में कुल चार माओवादी ढेर हुए हैं जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं. मारा गया गणेश उइके 69 वर्ष का था और उस पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप सीआरपीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीमों ने किया ऑपरेशन
ओडिशा पुलिस के नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन को ओडिशा की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप सीआरपीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीमों ने अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि मुठभेड़ कंधमाल और गंजम जिलों की सीमा पर स्थित राम्पा के जंगलों में हुई. खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था.
तलाशी अभियान जारी है
सुरक्षा बलों के जंगल में दाखिल होते ही माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की. इसी दौरान हुई मुठभेड़ में गणेश उइके समेत चार माओवादी मारे गए. बाकी तीन माओवादियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं जिनकी पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है. पुलिस के अनुसार इलाके में अब भी तलाशी अभियान जारी है.
ओडिशा में संगठन का शीर्ष कमांडर था गणेश उइके
गणेश उइके सीपीआई माओवादी की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में संगठन का शीर्ष कमांडर माना जाता था. वह तेलंगाना के नालगोंडा जिले के चेंदूर मंडल स्थित पुललेमाला गांव का रहने वाला था. संगठन के भीतर वह पक्का हनुमंतु राजेश तिवारी चमरू और रूपा जैसे कई नामों से जाना जाता था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार गणेश उइके लंबे समय से ओडिशा में माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था और कई बड़ी वारदातों की साजिश में उसकी भूमिका रही है.
माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन के बाद भी पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी अन्य माओवादी की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. इस कार्रवाई को ओडिशा में माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.