Jharkhand News: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे पारा मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए झारखंड से एक अहम अवसर सामने आया है. स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पदों पर नियुक्ति को लेकर आयोग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है, जिससे युवाओं में उम्मीद जगी है.
इन पदों पर होगी नियुक्ति
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने पारा मेडिकल स्टाफ के कुल 53 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत महिला नर्स, पुरुष नर्स, फार्मासिस्ट, फीमेल और मेल हेल्थ वर्कर, कंपाउंडर, ड्रेसर और एक्स-रे टेक्नीशियन के पद शामिल हैं.
8 जनवरी से कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 8 जनवरी से 7 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 9 फरवरी तय की गई है. आवेदन में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे सुधारने के लिए 10 फरवरी से 13 फरवरी तक करेक्शन विंडो उपलब्ध रहेगी.
शैक्षणिक योग्यता
पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है. अभ्यर्थी का मैट्रिक या इंटर साइंस उत्तीर्ण होना और संबंधित विषय में डिप्लोमा या प्रशिक्षण होना आवश्यक है. नर्सिंग से जुड़े सभी पदों के लिए झारखंड नर्सिंग काउंसिल में पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. चयनित अभ्यर्थियों को लेवल 1 से लेवल 5 तक के वेतनमान में नियुक्ति दी जाएगी.
भर्ती प्रक्रिया के तहत कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी. परीक्षा में दो पेपर होंगे. पहले पेपर में सामान्य ज्ञान और भाषा से जुड़े प्रश्न होंगे. दूसरे पेपर में संबंधित तकनीकी या ट्रेड से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे.
न्यूनतम उत्तीर्ण अंक
न्यूनतम उत्तीर्ण अंक वर्ग के अनुसार तय किए गए हैं. सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 40 प्रतिशत. महिला, एससी और एसटी वर्ग के लिए 32 प्रतिशत, बीसी 1 के लिए 34 प्रतिशत, बीसी 2 के लिए 36.5 प्रतिशत और आदिम जनजाति वर्ग के लिए 30 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं.
रिक्त पदें
रिक्त पदों की बात करें तो रेगुलर श्रेणी में महिला नर्स के 2 पद, पुरुष नर्स के 26 पद, फार्मासिस्ट के 2 पद, कंपाउंडर के 10 पद और ड्रेसर के 8 पद शामिल हैं. वहीं बैकलॉग श्रेणी में पुरुष नर्स के 2 पद और एक्स रे टेक्नीशियन का 1 पद रखा गया है.
स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन की कमी को देखते हुए यह भर्ती प्रक्रिया अहम मानी जा रही है. सीमित पदों के बावजूद यह अवसर पारा मेडिकल क्षेत्र के प्रशिक्षित युवाओं के लिए राहत लेकर आया है. स्पष्ट समय सीमा और करेक्शन विंडो से यह संकेत मिलता है कि आयोग प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने की कोशिश कर रहा है. अब चुनौती अभ्यर्थियों के लिए बेहतर तैयारी और प्रतिस्पर्धा में खुद को साबित करने की होगी.