Bihar: बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। निवेश, रोजगार और सस्ती बिजली—तीनों मोर्चों पर मजबूत कदम उठाते हुए बिहार सरकार ने अपने ऊर्जा भविष्य को नई दिशा दी है। इस कड़ी में बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) और निजी निवेशकों के बीच करीब ₹13,000 करोड़ का महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न हुआ है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नवादा जिले में 1200 मेगावाट तथा राज्य के एक अन्य स्थान पर 920 मेगावाट क्षमता के पंप स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। परियोजना के निर्माण और संचालन से लगभग 8,000 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा और राज्य की हरित ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी
यह परियोजना आधुनिक ऑफ-स्ट्रीम और क्लोज्ड-लूप तकनीक पर आधारित होगी, जिससे जल संरक्षण सुनिश्चित करते हुए स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा और राज्य की हरित ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रतिबद्धता को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी
सरकार के अनुसार यह नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना छह वर्षों में पूरी की जाएगी। इसके पूरा होने से राज्य में बिजली की लागत में कमी, ग्रिड स्थिरता में मजबूती और ऊर्जा आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही यह पहल बिहार की नेट जीरो उत्सर्जन की प्रतिबद्धता को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना बिहार को सस्ती, स्वच्छ और सतत बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के समग्र आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।