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  • 2025-05-11

Jharkhand Politics: डीएसपीएमयू का नाम बदलने पर रार, जानिए पूरी खबर

मयूराक्षी नदी पर झारखंड का सबसे बड़ा पुल बना, तो उसका नाम आदिवासी नायक बाबा तिलका मांझी के नाम पर न रखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता शिबू सोरेन के नाम पर रख दिया.

 Jharkhand झारखंड की हेमंत सोरेन कैबिनेट के एक फैसले के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गयी है. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलने का भाजपा ने विरोध शुरू कर दिया है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने हेमंत सोरेन सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए शिबू सोरेन पुल का नाम बदलकर वीर बुधु भगत पुल करने की मांग कर दी है. भाजपा ने कहा है कि झामुमो सरकार के इस फैसले से न आदिवासी का सम्मान बचा, न देशभक्ति बची.

अजय साह ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हेमंत सोरेन सरकार के इस कदम को राजनीतिक नौटंकी करार दिया. उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल एक देशभक्त महापुरुष का अपमान है, बल्कि राज्य के आदिवासी नायकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ भी है.

जब पूरा देश पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाये हुए है, ऐसे समय में झारखंड सरकार की यह ओछी राजनीति साबित करती है कि JMM को न तो देश की चिंता है और न ही झारखंड के आत्मसम्मान की परवाह. अजय साह ने सरकार पर परिवारवाद का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि जब मयूराक्षी नदी पर झारखंड का सबसे बड़ा पुल बना, तो उसका नाम आदिवासी नायक बाबा तिलका मांझी के नाम पर न रखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता शिबू सोरेन के नाम पर रख दिया. इसी तरह धोती-साड़ी योजना को भी मुख्यमंत्री ने अपने दादा-दादी सोना-सोबरन के नाम से जोड़ दिया. उन्होंने आदिवासी समाज के महानायकों को दरकिनार कर दिया.

अजय साह ने कहा कि भाजपा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और वीर बुधु भगत दोनों को समान रूप से सम्मान देती है. उन्होंने राज्य सरकार के फैसले को इन दोनों महापुरुषों के विरुद्ध बताया और मांग की कि अगर JMM वास्तव में वीर बुधु भगत का सम्मान करती है,

तो यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का फैसला तुरंत वापस ले और उनके नाम पर उस नयी लॉ यूनिवर्सिटी का नाम रखे, जिसका वादा सरकार पहले ही कर चुकी है.

भाजपा नेता अजय साह ने चुनौती देते हुए कहा, अगर सरकार में हिम्मत है और आदिवासी सम्मान की बात करती है, तो मयूराक्षी नदी पर बने शिबू सोरेन पुल का नाम बदलकर वीर बुधु भगत के नाम पर करके दिखाये.

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