UP BJP: लखनऊ के लोकभवन में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश भाजपा को नया नेतृत्व मिल गया है. राज्य मंत्री पंकज चौधरी के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में की. इस ऐलान के साथ ही प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है. इसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय परिषद का निर्वाचन भी संपन्न हुआ. पीयूष गोयल ने कहा कि यह बताते हुए प्रसन्नता है कि पंकज चौधरी को सर्वसम्मति से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
ओबीसी मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है BJP
पंकज चौधरी की ताजपोशी को भाजपा की सोची समझी राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. महाराजगंज से सात बार सांसद रह चुके पंकज चौधरी पूर्वांचल की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं और कुर्मी समुदाय से आते हैं. उत्तर प्रदेश खासकर पूर्वांचल में ओबीसी आबादी का बड़ा प्रभाव है और ऐसे में पार्टी ने एक अनुभवी ओबीसी चेहरे को आगे कर विपक्ष के पीडीए समीकरण को संतुलित करने की कोशिश की है. माना जा रहा है कि इस कदम से भाजपा ओबीसी मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है.
पार्टी के भीतर पंकज चौधरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का भरोसेमंद नेता माना जाता है. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के तौर पर उनका प्रशासनिक अनुभव और संगठन की कार्यप्रणाली की समझ इस चयन की अहम वजह रही है. पूर्वांचल में उनका सामाजिक और राजनीतिक आधार उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में भाजपा के लिए निर्णायक साबित हो सकता है.
संगठन को एकजुट रखने की जिम्मेदारी होगी
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी के सामने संगठन को एकजुट रखने की जिम्मेदारी होगी. आगामी चुनावों की रणनीति तय करना और केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी प्रमुख चुनौतियों में शामिल रहेगा. पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव से संगठन को नई दिशा और गति मिलेगी.
कार्यकर्ता संगठन के फैसले के साथ आगे बढ़ता है
कार्यक्रम की शुरुआत निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के संबोधन से हुई. उन्होंने चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ब्रजेश पाठक सहित मंच पर मौजूद सभी नेताओं का स्वागत किया. अपने संबोधन में भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन की राजनीति में भूमिका बदलती रहती है और कार्यकर्ता संगठन के फैसले के साथ आगे बढ़ता है. बीते चार वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन का अभियान आगे भी उसी समर्पण के साथ जारी रहेगा.
विपक्ष की सामाजिक रणनीति को चुनौती
पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी आने वाले चुनावों में संगठन और सामाजिक संतुलन दोनों पर बराबर ध्यान दे रही है. पूर्वांचल और ओबीसी नेतृत्व को आगे कर भाजपा ने न केवल क्षेत्रीय मजबूती का दांव चला है बल्कि विपक्ष की सामाजिक रणनीति को भी चुनौती देने की तैयारी कर ली है.