Bihar: एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ चुका है। करबिगहिया स्थित बंद पड़े थर्मल पावर प्लांट की जमीन पर देश का पहला और दुनिया का चौथा ऊर्जा संग्रहालय बनने जा रहा है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह अत्याधुनिक संग्रहालय ऊर्जा उत्पादन के इतिहास से लेकर आधुनिक तकनीक तक का शानदार प्रदर्शन करेगा।
तकनीकी और वैज्ञानिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा
इस संग्रहालय में आगंतुकों को पारंपरिक बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, नई ऊर्जा तकनीकों और भविष्य के ऊर्जा समाधानों से जुड़े इंटरएक्टिव मॉडल और डिजिटल डिस्प्ले देखने को मिलेंगे। यह बिहार में तकनीकी और वैज्ञानिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
अगले चरण की औपचारिक शुरुआत होने की उम्मीद
ऊर्जा विभाग के अनुसार, यह परियोजना न सिर्फ शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि पटना के लिए एक नया पहचान चिन्ह भी साबित होगी। संग्रहालय बनने के बाद यहां स्कूली बच्चों, शोधकर्ताओं और आम लोगों के लिए ऊर्जा की दुनिया को करीब से जानने का मौका मिलेगा। यह कदम करबिगहिया क्षेत्र के पुनर्विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। जल्द ही परियोजना के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत होने की उम्मीद है।
लोगों के लिए गर्व
यह अत्यंत गर्व का विषय है कि हमारा पटना अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ चुका है, करबिगहिया के बंद पड़े थर्मल प्लांट की ज़मीन पर, लगभग ₹200 करोड़ की लागत से, देश का पहला और दुनिया का चौथा ऊर्जा संग्रहालय बनने जा रहा है।