आबादी वाले गांवों के रूप में चिन्हित
गौरतलब है कि मॉडल सोलर विलेज निर्माण के लिए जिले के 7 प्रखंडों के 10 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें मुसाबनी प्रखंड में पारूलिया और धोबनी, धालभूमगढ़ में कोकपाड़ा–नरसिंहगढ़, घाटशिला का बड़ाजुड़ी, पोटका में हाड़तोपा और कालिकापुर, बहरागोड़ा का मानुषमुड़िया, पटमदा में बड़ा बांगुड़दा और बिडरा तथा बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल हैं । उक्त गांवों का चयन 5000 से अधिक आबादी वाले गांव अथवा जिले में ऐसे 10 गांव के नहीं होने पर अधिकतम आबादी वाले गांवों के रूप में चिन्हित किया गया है ।
गांव को 01 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान
उपरोक्त गांवों में दिसंबर 2025 से मई 2026 तक छह माह का challenge period निर्धारित किया गया है, इस दौरान PM–KUSUM तथा अन्य सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का स्थापना/वितरण एवं गांवों के मध्य स्वस्थ प्रतियोगिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। छह माह के अंत में जिस गांव में अधिकतम Renewable Energy अधिष्ठापन क्षमता होगी, उसे ‘मॉडल सोलर विलेज’ घोषित किया जाएगा। विजेता गांव को 01 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी ।
योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित
उपायुक्त द्वारा सभी बीडीओ को निर्देशित किया गया कि चयनित सभी गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की विस्तृत जानकारी दें । विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सोलर योजनाओं की पात्रता, सब्सिडी एवं आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाई जाए । विभाग परस्पर समन्वय स्थापित कर योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें ।
व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार
सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल स्थापना, पीएम–कुसुम के विभिन्न घटकों का क्रियान्वयन, सोलर आधारित सिंचाई, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाई मास्ट लाइट आदि पर व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होने कहा कि गांवों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाएं ताकि ग्रामीण अधिकतम संख्या में सौर ऊर्जा अपनाकर ग्रीन विलेज, क्लीन विलेज की दिशा में आगे बढ़ें ।