Jharkhand News: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों को IPS में प्रोन्नति दी है. इसके साथ ही तीन अधिकारियों के नाम को चयनित सूची में प्रोविजिनली शामिल किया गया है. इन तीनों को प्रोन्नति तभी मिलेगी जब वे अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में निर्दोष साबित हों और राज्य सरकार की ओर से Integrity Certificate जारी हो जाए.
10 नवंबर को हुई थी UPSC की बैठक
इस प्रोन्नति प्रक्रिया के लिए UPSC की बैठक 10 नवंबर को हुई थी. बैठक में वर्ष 2022 और 2023 की रिक्तियों को भरने के लिए पात्र अधिकारियों के नामों पर विस्तृत विचार किया गया. UPSC ने 8 दिसंबर को IPS में प्रोन्नति के लिए आठ अधिकारियों के नामों को अंतिम रूप दिया. इनमें से तीन अधिकारियों को विशेष शर्तों के आधार पर सूची में जगह दी गई है.
चयनित सूची में प्रोविजिनली शामिल अधिकारियों में शिवेंद्र, राधा प्रेम किशोर और दीपक कुमार का नाम है. इन सभी अधिकारियों की प्रोन्नति उन शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगी, जिसमें आपराधिक मामलों में निर्दोष सिद्ध होना और राज्य सरकार द्वारा Integrity Certificate जारी किया जाना शामिल है.
इन अधिकारियों को दी गई IPS में प्रोन्नति
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार जिन पांच अधिकारियों को औपचारिक रूप से IPS में प्रोन्नति दी गई है उनमें दीपक कुमार, मंजरूल होदा, राजेश कुमार, रौशन गुड़िया और श्रीराम समद शामिल हैं. इनमें दीपक कुमार को वर्ष 2022 की रिक्ति के आधार पर और बाकी चार अधिकारियों को वर्ष 2023 की रिक्तियों के अनुसार नियुक्त किया गया है.
प्रशासनिक संरचना को मिलेगी मजबूती
झारखंड पुलिस सेवा से IPS कैडर में प्रोन्नति को लेकर आई यह अधिसूचना सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर दोहरी तस्वीर पेश करती है. एक तरफ पांच अधिकारियों की प्रोन्नति से प्रशासनिक संरचना को मजबूती मिलती है, वहीं तीन अधिकारियों का प्रोविजनल चयन यह संकेत देता है कि नियामक एजेंसियां जांच लंबित मामलों में सतर्क रुख अपना रही हैं. आपराधिक मामलों में क्लीन चिट और Integrity Certificate को अनिवार्य शर्त बनाना यह दर्शाता है कि केंद्र और UPSC प्रशासनिक पदोन्नति में जवाबदेही को प्राथमिकता दे रहे हैं. आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित मामलों का निपटारा किस गति से होता है और क्या ये अधिकारी प्रोन्नति की अंतिम शर्तें पूरी कर पाते हैं.