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  • 2025-12-09

Jharkhand Big News: झारखंड शराब घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, दुमका में नवीन पटवारी के आवास पर छापेमारी

Jharkhand Big News: झारखंड शराब घोटाला केस में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह दुमका में एक और बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी. ACB की टीम व्यवसायी श्रवण जालान के नजदीकी माने जाने वाले नवीन पटवारी के आवास पर छापेमारी कर रही है. बताया गया है कि इसी घर में नवीन पटवारी अपने तीन भाइयों के साथ रहते हैं. रेड के दौरान पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. घर के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को पास आने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

मीडिया को भी मौके पर पहुंचने की अनुमति नहीं
सुरक्षा का स्तर इतना कड़ा है कि मीडिया को भी मौके पर पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई है. अधिकारी किसी भी सवाल पर प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर रहे हैं, जिससे कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं.

सोमवार को ACB ने श्रवण जालान के ठिकानों पर की थी छापेमारी 
इससे पहले सोमवार को एसीबी ने रांची में श्रवण जालान के ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान टीम को कई मोबाइल फोन, जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और कुछ डिजिटल सामग्री मिली थी. इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है. छापेमारी के समय श्रवण जालान घर पर मौजूद नहीं थे और पूरी कार्रवाई के दौरान वे न अपने आवास पर आए और न ही कार्यालय पहुंचे. ऐसे में एसीबी जल्द ही उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है.

शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन विनय चौबे ने श्रवण जालान के माध्यम से निवेश किया
जांच एजेंसी को आशंका है कि विनय चौबे ने शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन का बड़ा हिस्सा श्रवण जालान के माध्यम से विभिन्न जगहों पर निवेश किया है. इसी कड़ी में जांच एजेंसी लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है. रविवार को एसीबी ने विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता से लगभग दस घंटे की पूछताछ भी की थी. साथ ही उनके करीबी विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की तलाश में बिहार के लखीसराय में भी छापेमारी हुई थी.

शराब घोटाले की परतें काफी गहरी हैं
एसीबी की लगातार हो रही कार्रवाई यह संकेत देती है कि शराब घोटाले की परतें काफी गहरी हैं. जिन लोगों को अब तक सिर्फ प्रभावशाली व्यवसायी या अधिकारी के तौर पर जाना जाता था, उन पर अब सीधे आर्थिक अनियमितताओं में शामिल होने का संदेह गहरा रहा है. छापेमारी का विस्तार दुमका से रांची और फिर बिहार तक पहुंचना बताता है कि नेटवर्क व्यापक है और इसमें कई स्तर शामिल हो सकते हैं. इस जांच के आगे बढ़ने से राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों हलकों में हलचल तेज होने की आशंका है.
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