Jhansi: लड़की भगाने के एक मामले में हिरासत में लिए गए आरोपी को पुलिस कस्टडी में थर्ड डिग्री देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल में बंद आरोपी की गंभीर हालत देख परिजनों द्वारा न्यायालय से न्याय की गुहार लगाने के बाद, अदालत के आदेश पर यह बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में विवेचक दरोगा अशोक कुमार, सिपाही आकाश सिंह और महिला कांस्टेबल प्रीति विश्वकर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शरीर पर मिले 23 गंभीर निशान, गर्म रॉड से जलाने का भी आरोप
परिजनों ने न्यायालय को बताया कि आरोपी के पूरे शरीर पर लगभग 23 गंभीर निशान हैं। पुलिस टॉर्चर की इंतहा यह थी कि हाथों की उंगलियों के बीच में गर्म रॉड से जलाया गया है, जबकि जबड़े के नीचे की हड्डियां टूटी हुई हैं और दांत भी टूटे हुए हैं। इन गंभीर चोटों को देखकर परिजनों ने तत्काल न्यायिक जांच की मांग की थी।
न्यायालय ने लिया संज्ञान, मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि
मामले की गंभीरता को समझते हुए न्यायालय ने तुरंत एक मेडिकल टीम को जांच के लिए भेजा। मेडिकल रिपोर्ट में आरोपी के शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई, जिससे पुलिस हिरासत में थर्ड डिग्री टॉर्चर की बात सही साबित हुई। इसके बाद, न्यायालय ने त्वरित कार्रवाई का आदेश देते हुए तीनों पुलिसकर्मियों – दरोगा अशोक कुमार, सिपाही आकाश सिंह और महिला कांस्टेबल प्रीति विश्वकर्मा – पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस कस्टडी में मानवाधिकारों के इस गंभीर उल्लंघन ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।