झारखंड सरकार ने किसानों को रबी सीजन में प्राकृतिक जोखिमों से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का दायरा बढ़ा दिया है। इस योजना के तहत अब राज्य के किसान नजदीकी पंजीकरण केंद्रों या ऑनलाइन माध्यम से अपनी रबी फसलों का बीमा करा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इस योजना तहत किसानों को बहुत ही कम प्रीमियम देना होगा, क्योंकि बीमे की कुल राशि का अधिकांश हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार वहन करेगी। किसानों को अपने हिस्से के रूप में केवल मामूली राशि जमा करनी होगी।
बीमा योजना का विस्तार 10 जिलों में
इस वर्ष झारखंड सरकार ने इस योजना को राज्य के 10 जिलों में लागू किया है। इन जिलों में रांची, धनबाद, गिरिडीह, दुमका, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, पाकुड़, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और खूंटी शामिल हैं।
इन जिलों के किसान अब बीमा योजना का लाभ उठाकर अपनी रबी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित कर सकेंगे।
कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रबी फसलों में गेहूं, चना, आलू और सरसों को बीमा कवर दिया गया है। यदि कम या अधिक वर्षा लगातार 14 दिनों तक जलभराव, सूखा, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण इन फसलों को नुकसान होता है, तो किसान बीमा का दावा कर सकते हैं। मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजा जाएगा।
पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज़
बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, भूमि दस्तावेज और बैंक विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे। पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई है।
संपर्क और शिकायत निवारण
योजना से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के लिए किसान निम्न माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
हेल्पलाइन नंबर: 14447
व्हाट्सऐप: 70655-14447
आधिकारिक वेबसाइट: pmfby.gov.in
नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय
किसानों में बढ़ी उम्मीदें
योजना के शुरुआत के बाद ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच राहत और उत्साह देखा जा रहा है। कई किसानों ने इसे रबी सीजन में मौसम की अनिश्चितताओं के खिलाफ सुरक्षा कवच बताया। खासकर उन किसानों के लिए यह बीमा बहुत अहम है जिनकी पूरी आजीविका खेती पर ही निर्भर है।