National News: चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे कार्य की समय सीमा बढ़ा दी है. आयोग ने अपने पूर्व आदेश को वापस लेते हुए नया शेड्यूल जारी किया है. अब घर-घर सत्यापन से लेकर ड्राफ्ट रोल प्रकाशन और दावे आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया संशोधित तिथियों के अनुरूप चलेगी.
यह विस्तार उन राज्यों के लिए लागू होगा जहां SIR पहले से चालू थी. इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतित और व्यवस्थित बनाने के लिए यह कदम जरूरी था.
पहले एसआईआर की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तय थी और सिर्फ कुछ दिन बाकी थे. अब समय सीमा बढ़ने के बाद नई अंतिम तिथि 11 दिसंबर होगी. इसके साथ ही सभी चरणों के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है.
नया शेड्यूल
एन्यूमरेशन यानी घर-घर सत्यापन की अंतिम तिथि अब 11 दिसंबर रहेगी. मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और पुनर्व्यवस्था का काम भी इसी तिथि तक पूरा किया जाएगा. इसके बाद कंट्रोल टेबल अपडेट करने और ड्राफ्ट रोल तैयार करने का चरण 12 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा. ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक रखा गया है. नोटिस फेज और सुनवाई की प्रक्रिया 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक चलेगी.
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार कराने वालों के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा. फील्ड सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया भी बढ़ गई है, जिससे कागजी कार्रवाई और जांच अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सकेगी. आयोग का उद्देश्य है कि अंतिम मतदाता सूची अधिकतम सटीक और त्रुटिरहित तैयार की जा सके.
SIR की समय सीमा बढ़ाने का फैसला चुनाव आयोग की सतर्कता और व्यापक तैयारी को दर्शाता है. कई राज्यों में मतदाता संख्या अधिक है और फील्ड सत्यापन में समय लग रहा था. ऐसे में विस्तार से मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. आगामी चुनावों को देखते हुए यह कदम राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.