Big News: पश्चिम बंगाल में रविवार को होने वाली आरक्षी भर्ती परीक्षा से पहले धनबाद पुलिस ने फर्जीवाड़े की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है. एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने के बाद यह पूरा मामला उजागर हुआ. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र तैयार कर उम्मीदवारों को पढ़ाने की साजिश चल रही थी. पुलिस ने इस मामले में कुल 22 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें 14 उम्मीदवार शामिल हैं.
चेकिंग से खुला मामला
शनिवार को धनबाद में तिसरा थाना क्षेत्र के पास पुलिस की टीम एंटी क्राइम चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर जांच की गई. वाहन में मौजूद लोगों से पूछताछ में पता चला कि पश्चिम बंगाल आरक्षी परीक्षा में फर्जी तरीके से पास कराने के लिए एक संगठित गिरोह काम कर रहा है. यह भी जानकारी मिली कि गिरोह झरिया के एक लॉज में बैठकर रविवार की परीक्षा का प्रश्न पत्र उम्मीदवारों को पढ़ा रहा था.
झरिया में छापेमारी
स्कॉर्पियो से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने झरिया थाना क्षेत्र स्थित बंधन लॉज में छापेमारी की. वहां से कुल 22 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. इनमें 14 विद्यार्थी वे हैं जो पश्चिम बंगाल आरक्षी परीक्षा में शामिल होने वाले थे. पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के नेटवर्क और सरगना तक पहुंचा जा सके.
पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में परीक्षा संबंधी सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं. इनमें 272 एडमिट कार्ड, 70 मोबाइल फोन, 40 ब्लूटूथ डिवाइस, कलाई घड़ी, मोबाइल चार्जर, पहचान पत्र, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, नोटबुक, एक कार्टन भर कलम, 10 पीस सोने जैसे पदार्थ के चेन, स्टेशनरी और कई अन्य कागजात शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि बरामद सामान से साफ है कि गिरोह बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की तैयारी में था.
पुलिस का अंदेशा है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं और उम्मीदवारों से भारी रकम लेकर उन्हें परीक्षा में पास कराने की योजना बनाई गई थी. सभी हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.
यह कार्रवाई बताती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा किस तरह संगठित रूप ले चुका है. बरामद सामग्री की मात्रा यह दिखाती है कि गिरोह काफी दिनों से सक्रिय था और बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी. पुलिस की जांच आगे यह भी तय करेगी कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और किन राज्यों तक इसकी पहुंच है. यह मामला पश्चिम बंगाल आरक्षी परीक्षा की विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा है और इससे परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं.