Jamshedpur News: टाटा स्टील की सर्वोच्च संयुक्त कमेटी एपेक्स जेसीसीएम की अहम बैठक शनिवार को जमशेदपुर में हुई. बैठक टाटा स्टील के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन के आवास पर आयोजित की गई. इसमें कंपनी के सभी प्लांटों की अधीकृत यूनियनों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद एमडी ने सभी यूनियन पदाधिकारियों को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया और अनौपचारिक चर्चा हुई.
बैठक में प्रबंधन की ओर से संकेत दिया गया कि आने वाले समय में कंपनी खर्च में कटौती करेगी. सूत्रों के अनुसार एमडी टीवी नरेंद्रन ने प्रेजेंटेशन में बताया कि वैश्विक स्तर पर स्टील बाजार दबाव में है और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. ऐसे माहौल में संचालन खर्च कम करना आवश्यक है ताकि कंपनी वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनी रहे. इसी कारण हर प्लांट स्तर पर खर्च कटौती लागू की जाएगी.
यूनियनों से आग्रह किया गया कि वे इस कठिन आर्थिक दौर में कंपनी का साथ दें. बताया गया कि कंपनी की लंबी अवधि की मजबूती के लिए नेतृत्व को साहसिक निर्णय लेने होंगे. नेतृत्व की भूमिका सिर्फ मांगों को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि कंपनी को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संभालने की भी है.
बैठक में कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई. आवास सहित कई सुविधाओं को सुधारने पर सहमति बनी. हालांकि बैठक को लेकर न प्रबंधन और न यूनियन ने आधिकारिक बयान जारी किया है लेकिन चर्चा का केंद्र कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की रणनीति ही रही.
बैठक में टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री सतीश कुमार सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह, जामाडोबा कोलियरी आरसीएमयू अध्यक्ष अशोक कुमार राय, टाटा कामगार यूनियन अध्यक्ष बी के डिंडा, वेस्ट बोकारो आरसीएमयू अध्यक्ष मोहन महतो, टाटा स्टील कालिंगानगर वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष रवींद्र कुमार जामुदा, टिस्को मजदूर यूनियन ग्रोथ शॉप अध्यक्ष, टाटा टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन, वायर प्रोडक्ट यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, टाटा मेटालिक्स लिमिटेड परमानेंट वर्कर्स यूनियन महासचिव चंद्रकांत राउत, टाटा इंप्लाइज यूनियन मार्केटिंग और सेल्स अध्यक्ष इंद्रजीत बोस, टाटा स्टील वर्कर्स यूनियन बियरिंग डिविजन अध्यक्ष मुकेश कुमार, कंपनी प्रबंधन के सभी वाइस प्रेसिडेंट और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
टाटा स्टील की यह बैठक बताती है कि कंपनी वैश्विक बाजार की मंदी को गंभीरता से ले रही है. खर्च नियंत्रण उसकी प्राथमिक रणनीति बन रहा है और यूनियन सहयोग इसमें निर्णायक भूमिका निभाएगा. प्रबंधन कर्मचारियों के मुद्दों को भी समानांतर हल करने की कोशिश कर रहा है ताकि संगठनात्मक संतुलन बना रहे. आने वाले समय में टाटा स्टील ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान देगी.