Gumla News:गुमला जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के बाद प्रशासनिक टीम ने रायडीह प्रखंड के मुरगू करंजटोली क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया. दोपहर लगभग एक बजे टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जहां बिना अनुमति के बालू का बड़ा भंडार मिला.
जांच में पाया गया कि करीब तीन हजार घनफीट बालू अवैध रूप से संग्रहित किया गया था. ग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि मनीष कुमार सहित कुछ लोग कोयल नदी से अवैध उत्खनन कर यहां बालू जमा करते थे. कार्रवाई के दौरान हाईवा वाहन संख्या JH02BL 7594 भी मिला, जिसमें लगभग एक हजार घनफीट बालू लदा था. प्रशासनिक टीम को देखते ही वाहन चालक मौके से फरार हो गया. इससे यह स्पष्ट हुआ कि इलाके में बालू उत्खनन और परिवहन का अवैध कारोबार सक्रिय रूप से चल रहा था.
अवैध खनन राज्य राजस्व की बड़ी हानि का कारण बनने के साथ राष्ट्रीय संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर अपराध है. बिना वैध चालान के खनिज का परिवहन करना खन और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 की धारा 21 (6) का उल्लंघन है, जो दंडनीय है. इसके अलावा झारखंड लघु खनिज नियमावली 2004 के नियम 4 और 54 तथा झारखंड मिनरल्स प्रिवेंशन ऑफ इललीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज रूल्स 2017 के नियम 7 और 9 का भी खुला उल्लंघन पाया गया.
गुमला में हुई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिले में अवैध खनन का नेटवर्क लगातार सक्रिय है. प्रशासन की छापेमारी से कुछ राहत मिलती है, लेकिन इस तरह के संगठित अवैध कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने के लिए लगातार निगरानी, सख्त कानूनी कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना जरूरी है. यह मामला यह भी दर्शाता है कि अवैध खनन सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा बन चुका है.