ठंड के मौसम में कई परिवार खुले आसमान तले रहने को मजबूर हो गए। विधायक ने मुख्यमंत्री से प्रभावित परिवारों के तत्काल पुनर्वास, राहत सामग्री, अस्थायी आश्रय और आगे किसी भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से पूर्व स्पष्ट सीमांकन एवं पूर्व सूचना देने की अनिवार्यता की माँग रखी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे जमशेदपुर के जिला उपायुक्त से बात करेंगे और इस मामले में शीघ्र आवश्यक राहत व पुनर्वास संबंधी कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान गांडेय की विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
रांची से जमशेदपुर लौटते ही विधायक पूर्णिमा साहू सीधे जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के कार्यालय पहुँचीं। उन्होंने जिला उपायुक्त को बताया कि ठंड के बीच जिला प्रशासन की कार्रवाई मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं थी और कई परिवार गंभीर संकट में हैं। विस्तृत चर्चा के बीच उन्होंने जिला उपायुक्त से ठंड के मौसम को देखते हुए तत्काल भोजन, पानी और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने तथा प्रभावित सभी परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया।
उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि राहत और पुनर्वास की पहल जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने विधायक से प्रभावित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा। जिसके आधार पर प्रशासनिक स्तर से राहत प्रकिया प्रारंभ की जा सके। वहीं, विधायक पूर्णिमा साहू की सक्रियता से प्रभावित परिवारों में राहत और पुनर्वास को लेकर उम्मीद जगी है।