कार्यक्रम के दौरान मंच से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "सरकार के कार्यालय और अधिकारियों के कार्यालयों के दलाल को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने घोषणा की कि ऐसे दलालों को चिह्नित कर उन्हें तुरंत हटाया जाएगा और सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। यह बयान सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और सुशासन लाने की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
28 नवंबर को सरकार के एक साल पूरे, 10,000 रोजगार की सौगात
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि 28 नवंबर को उनकी सरकार के गठन को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस मौके पर राज्य के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए उन्होंने कहा, "28 नवंबर को 10,000 लोगों को रोजगार दिया जाएगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड युवाओं का राज्य है और सरकार उनकी प्रगति के लिए समर्पित है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में "50 साल का रोड मैप" झारखंड में दिखाई देगा, जो राज्य के दीर्घकालिक विकास और संरचनात्मक परिवर्तन की ओर इशारा करता है। शहीद सोबरन सोरेन के बलिदान को याद करते हुए, मुख्यमंत्री ने उनके आदर्शों पर चलते हुए राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने का संकल्प लिया।