Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में कफ सिरप की बिना पर्चे बिक्री पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने माना है कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग खासकर स्कूली बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है और कफ सिरप की खुलेआम बिक्री चिंताजनक स्थिति पैदा कर रही है. अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्यभर में अब बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के कफ सिरप और इसी श्रेणी की दवाएं नहीं बेची जाएंगी.
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की मांग पर अदालत ने झारखंड के ड्रग कंट्रोलर को मामले में प्रतिवादी के रूप में जोड़े जाने का आदेश दिया है. साथ ही सभी प्रतिवादियों को तुरंत प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. कोर्ट ने कहा है कि बिना पर्चे किसी भी प्रकार की दवा या मनोरोग पदार्थ की बिक्री सख्ती से रोकी जाए.
अदालत ने फार्मा कंपनियों, मेडिकल स्टोर और दवा दुकानों पर छापेमारी करने, स्टॉक और सप्लाई रजिस्टर की जांच करने और नियम विरुद्ध पाई जाने वाली दुकानों पर उचित कार्रवाई करने को कहा है. अदालत ने तीन सप्ताह के भीतर इन आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट दायर करने को भी कहा है.
इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनील कुमार महतो द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है.
झारखंड में कफ सिरप की अनियंत्रित बिक्री लंबे समय से चिंता का विषय रही है. हाईकोर्ट का आदेश कानून के पालन और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर नियंत्रण के लिए एक सख्त कदम माना जा सकता है. यदि ड्रग कंट्रोल विभाग और पुलिस प्रशासन समन्वय से छापेमारी और निगरानी बढ़ाता है तो स्कूली बच्चों और युवाओं में नशे के बढ़ते दुष्चक्र पर रोक लगाने में यह निर्णय प्रभावी साबित हो सकता है.