Jharkhand News: रामगढ़ उपकारा में कथित अनियमितताओं को लेकर गृह, कारा और आपदा प्रबंधन विभाग ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है. विभाग ने विस्तृत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पेंशन नियमावली के नियम 43(A) के तहत की जाएगी.
यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली की उन अनुशंसाओं के बाद शुरू की गई है, जिसमें आयोग ने 9 मई 2022 से 13 मई 2022 के बीच उपकारा में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई थीं. आयोग ने इस पर विस्तृत जांच की सलाह दी थी.
विभाग ने इकबाल आलम अंसारी सेवानिवृत्त IAS श्रेणी-1 को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया है. उन्हें आदेश प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर सभी अभिलेखों और दस्तावेजों का परीक्षण कर साक्ष्य आधारित प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही आरोपित अधिकारी के कार्य संचालन के लिए गुलजार रंजन प्रसाद सहायक कारा महानिरीक्षक को नामित किया गया है.
सरकार ने कहा है कि जांच पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ पूरी की जाएगी, ताकि उपकारा प्रशासन में किसी भी स्तर की अनियमितता सामने आने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
रामगढ़ उपकारा में अनियमितताओं से जुड़ा मामला संवेदनशील है और लंबे समय से उठ रहे सवालों को देखते हुए जांच की गति बढ़ाना जरूरी था. मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के बाद विभागीय जांच अनिवार्य हो गई थी. नई टीम की तैनाती से संकेत मिलता है कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.