Jharkhand News: निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद अब वह जमीन और वन भूमि घोटाले के मामलों में भी जांच के घेरे में आ गए हैं. एसीबी हजारीबाग की टीम सोमवार को उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर हजारीबाग ले गई. विनय चौबे रिम्स के मेडिकल वार्ड में भर्ती थे, जहां से एसीबी टीम ने उन्हें रिमांड पर लिया है.
एसीबी ने उन्हें वन भूमि घोटाले से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है. यह कार्रवाई एसीबी हजारीबाग थाने के कांड संख्या 11/25 के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है. यह एफआईआर 25 सितंबर को दर्ज की गई थी. इस मामले में तत्कालीन हजारीबाग डीसी विनय चौबे के साथ नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी नामजद आरोपी बनाया गया है.
विनय चौबे पहले से ही शराब घोटाले में जेल में हैं. इसके अलावा खासमहाल जमीन घोटाला और वन भूमि घोटाले में भी उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. आय से अधिक संपत्ति का एक मामला अलग से चल रहा है. 24 नवंबर को एसीबी ने उनके खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें उनके रिश्तेदारों और दोस्त विनय सिंह समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया है. आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार के जरिये अकूत संपत्ति अर्जित की.
विनय चौबे से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिससे साफ संकेत मिलता है कि एसीबी की जांच और गहरी हो रही है. वन भूमि और जमीन घोटाले की दिशा अगले चरण में बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक सरोकारों को भी प्रभावित कर सकती है.