कांड्रा: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा क्षेत्र में स्थित अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड द्वारा फैलाया जा रहा प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दुश्वार हो चुका है। ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों की बार-बार की शिकायतों के बावजूद प्रदूषण पर रोक नहीं लग पाई है। कंपनी से निकलने वाला धुआं, राख और गंदा पानी अब भी आसपास के गांवों, खेतों और तालाबों को प्रभावित कर रहा है, जिससे लोगों की स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी के चिमनियों से निकलने वाला काला धुआं हवा को दूषित कर रहा है, जिससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कतें, आंखों में जलन और त्वचा रोग बढ़ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो रही है, जिन्हें सांस लेने में तक दिक्कत हो रही है। वहीं, कंपनी परिसर से निकलने वाला रासायनिक युक्त दूषित पानी पास के तालाब तक पहुंच रहा है, जिसके कारण वहां का पानी पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है। इसका असर मवेशियों और पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है, कई मवेशी बीमार पड़ चुके हैं और तालाब का पानी पीने से उनकी मौत भी हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खबरें छपने, शिकायतें दर्ज कराने और प्रशासन तक आवाज उठाने के बावजूद अमलगम स्टील के प्रदूषण पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपनी फसलें नहीं उगा पा रहे, पशुओं को चारा नहीं मिल रहा और सबसे बड़ी चिंता उनके बच्चों के स्वास्थ्य की है। इसी कारण कांड्रा वासी सवाल कर रहे हैं कि आखिर वे क्या कदम उठाएं जिससे कंपनी प्रदूषण फैलाना बंद करे।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अमलगम स्टील के खिलाफ कार्रवाई की जाए और प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी और प्रशासन फिर भी प्रदूषण रोकने की दिशा में कदम नहीं उठाते, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।