प्रमुख घोषणाएं और सुधार
किसी भी आपात स्थिति में मरीज को सभी विभाग के डॉक्टर देखेंगे, जिससे बेहतर प्रोटोकॉल के तहत इलाज सुनिश्चित होगा। परिजनों से अनुरोध किया गया कि वे इमरजेंसी में अनावश्यक भीड़ न लगाएं, क्योंकि इससे डॉक्टरों को उपचार में असुविधा होती है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। टीएमएच टीम द्वारा कई स्थानों पर किए गए सेफ्टी से संबंधित कार्यों की सराहना की गई। सोनारी के टीएमएच हेल्थ केयर सेंटर में अब वेंडर कर्मचारियों के फिट/अनफिट का सारा काम एक ही छत के नीचे हो जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।
वे कर्मचारी/रिटायर्ड कर्मचारी जो ओपीडी स्लॉट बुक कराने
वे कर्मचारी/रिटायर्ड कर्मचारी जो ओपीडी स्लॉट बुक कराने के बाद न आते हैं और न ही कैंसिल करते हैं, उनका एमआर नंबर ब्लॉक कर दिया जाएगा और निर्धारित शुल्क भी लिया जाएगा। समय पर स्लॉट कैंसिल करना अनिवार्य है। अब शाम को दवा प्रिसक्राइब होने पर अगले दिन डिलीवरी होगी। इमरजेंसी में भी डिलीवरी का समय काफी कम किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों का पेपर वर्क अब जल्द हो पाएगा। मरीजों की कम संख्या को देखते हुए कदमा ईसीसी फ्लैट की डिस्पेंसरी को 1 दिसंबर से बंद करने का फैसला लिया गया।
अटेंडरों की सुविधा को बेहतर बनाने और
अटेंडरों की सुविधा को बेहतर बनाने और उन्हें अनुशासित रखने पर काम चल रहा है। गैस्ट्रोलॉजी में नए डॉक्टर: गैस्ट्रोलॉजी विभाग में डॉ. प्रवीण के आने से मरीजों को और अधिक सुविधा मिलेगी। बैठक में लिए गए ये महत्वपूर्ण निर्णय मरीजों की सुविधा बढ़ाने और हॉस्पिटल सेवाओं को और अधिक अनुशासित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।