Deoghar Crime News: देवघर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गैंग को ध्वस्त कर दिया. एसपी सौरभ के निर्देश पर साइबर डीएसपी राजा कुमार मित्रा की टीम ने देवीपुर थाना क्षेत्र के पेसरपुर जंगल में छापा मारकर आठ ठगों को रंगे हाथों दबोच लिया. ये ठग फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहे थे.
पुलिस को खबर मिली थी कि जंगल में कुछ युवक फ्लिपकार्ट, अमेजन, फोनपे, एयरटेल पेमेंट बैंक और पीएम किसान के नाम पर लोगों को चपत लगा रहे हैं. टीम ने इलाके की घेराबंदी की और सभी आठ को पकड़ लिया. ये लोग गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालते थे. जैसे ही कोई शिकायत करने फोन करता, ये लोग ओटीपी और बैंक डिटेल ले लेते और खाते खाली कर देते.
ठगों का एक और तरीका था कैशबैक का लालच देना. फोनपे या पेटीएम अधिकारी बनकर कहते कि आपको गिफ्ट कार्ड मिलेगा, बस एक बार प्रोसेस करवा लो. फिर खुद ही कार्ड रिडीम कर लेते. एयरटेल थैंक्स ऐप में क्रेडिट कार्ड बंद दिखाकर उसे चालू करने के नाम पर भी लाखों रुपये ठग चुके थे. एसबीआई क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान की फर्जी लिंक भेजकर भी ये लोग शिकार फंसाते थे.
पकड़े गए ठगों के नाम हैं राहुल कुमार दास, विक्रम कुमार दास, अमित कुमार दास, डब्लू कुमार दास, मुचकुंद दास, चंदन कुमार दास, पवन दास और आनंद कुमार दास. इनमें से आनंद पहले भी साइबर ठगी के मामले में जेल जा चुका है. पुलिस ने मौके से आठ मोबाइल और बारह सिम बरामद किए हैं.
साइबर डीएसपी राजा मित्रा ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक देवघर में 681 साइबर ठग पकड़े जा चुके हैं. 838 मोबाइल और 1073 सिम जब्त हुए हैं जिनमें 250 सिम तो प्रतिबिंब आधार वाले थे.
देवघर अब साइबर ठगों का गढ़ बनता जा रहा था लेकिन पुलिस की लगातार मुहीम से ठगों के हौसले टूट रहे हैं. जंगल जैसे सुनसान इलाके में बैठकर ठगी करना दिखाता है कि ये गिरोह कितने शातिर हो गए थे. सबसे बड़ी बात ये है कि ज्यादातर ठग स्थानीय ही हैं जो बेरोजगारी का फायदा उठाकर अपराध की दुनिया में कूद पड़े. पुलिस की सख्ती से आम लोग तो राहत महसूस कर रहे हैं लेकिन जरूरत इस बात की है कि युवाओं को रोजगार के मौके मिलें ताकि वे अपराध के रास्ते पर न जाएं. फिलहाल देवघर पुलिस का अभियान जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.