जमशेदपुर : सड़क सुरक्षा समिति के तत्वावधान में द अल्कोर होटल बिष्टुपुर में रोड सेफ़्टी कॉन्क्लेव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। जेसिका सुपर आइडिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नेटमोर टेक्नोलॉजी एसोसिएट पार्टनर के रूप में शामिल रही। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन इचागढ़ की विधायक सबिता महतो और दिनेश श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया। विधायक ने अपने संबोधन में कहा, "सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और ट्रैफिक नियमों का पालन जीवन रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। हमें सड़क पर सावधानी और संयम के साथ वाहन चलाना चाहिए, ताकि हम अपने और दूसरों के जीवन को सुरक्षित रख सकें।"
कार्यक्रम में ट्रैफिक एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों, पत्रकारों और विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि, हेलमेट-सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण और सुरक्षित ड्राइविंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा, युवाओं के लिए एक विशेष जागरूकता वर्कशॉप और इंटरएक्टिव सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों में आयोजित रोड सेफ़्टी ड्रॉइंग प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बच्चों ने ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा पर आधारित अपनी रचनात्मक चित्रकलाओं से सभी को प्रभावित किया।
इस अवसर पर DTO सरायकेला के अधिकारी, समाजसेवी पूर्वबी घोष, विकास सिंह, अनमोल वर्मा, केरला पब्लिक स्कूल मानगो के निदेशक शरद चंद्रा, टाटा मोटर्स के सेफ़्टी ऑफिसर जयदेव भौमिक, सरायकेला प्रेस क्लब अध्यक्ष मनमोहन सिंह राजपूत, ज़ुम्बा डांसर सुषांत, सुधांशु सिंह, डॉ. ज्योति सिंह, क्रिकेट कोच कुणाल मिश्रा सहित कई प्रतिष्ठित का कार्यक्रम में शामिल होना एक सम्मान की बात थी।
जेसिका सुपर आइडिया की ओर से डॉ. नवीन प्रधान ने बताया, "हम भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने का प्रयास जारी रखेंगे। हम समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि सड़क सुरक्षा न सिर्फ एक नियम है, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है।"
इस भव्य आयोजन ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, और उम्मीद है कि इससे शहरवासियों में सुरक्षित ड्राइविंग की आदतें विकसित होंगी।