Jharkhand: झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का एक बार फिर प्रभावी असर देखने को मिला है। जहां प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के 5 लाख रुपये के इनामी और एक उग्रवादी ने आज मुख्य धारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में 5 लाख रुपये का इनामी सब जोनल कमांडर ब्रजेश यादव और लातेहार के हेरहंज का रहने वाला एरिया कमांडर अवधेश लोहरा शामिल हैं.
यह आत्मसमर्पण लातेहार पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) तथा सशस्त्र सीमा बल (SSB) के समक्ष किया गया। दोनों उग्रवादियों ने सरकार की नीतियों पर भरोसा जताते हुए हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाने का निर्णय लिया।
बता दे इससे पहले लातेहार जिले में वर्ष 2025 में अब तक कुल 21 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें कई इनामी भी शामिल है।
झारखण्ड पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी कई गंभीर घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस एवं सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते उग्रवादी संगठनों में हताशा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
झारखण्ड पुलिस ने कहा कि
राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का उद्देश्य उग्रवादियों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। जो भी हिंसा छोड़कर समाज की सेवा करना चाहता है, उसका स्वागत है।
यह आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि यह झारखण्ड सरकार की शांतिपूर्ण और समावेशी विकास नीति की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।