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  • 2026-05-20

National News: प्रयागराज का बीटेक इंजीनियर निकला अश्लील नेटवर्क का मास्टरमाइंड, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर चलाता था सीक्रेट ग्रुप, 1.20 करोड़ के लेनदेन का खुलासा

National News: प्रयागराज से सामने आया एक मामला हर किसी को हैरान कर रहा है. जिस बेटे को परिवार ने पढ़ा लिखाकर इंजीनियर बनाया, वही इंटरनेट की अंधेरी दुनिया में अश्लील नेटवर्क का बड़ा चेहरा बन गया. हरदोई साइबर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एक ऐसे रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें हजारों लोग जुड़े हुए थे और बड़ी संख्या में नाबालिग छात्र भी इसकी गिरफ्त में बताए जा रहे हैं.
रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर के बेटे ने खड़ा कर लिया था गुप्त ऑनलाइन नेटवर्क
यह मामला प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के उमरौली निवासी विकास सिंह का है. पुलिस जांच में सामने आया कि वह एक रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर का बेटा है. परिवार ने उसे अच्छी शिक्षा दिलाई और उसने वर्ष 2019 में प्रयागराज के यूनाइटेड कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की. जहां आमतौर पर युवा पढ़ाई के बाद नौकरी और करियर की तरफ बढ़ते हैं, वहीं विकास ने इंटरनेट की दुनिया में अलग रास्ता चुन लिया. धीरे धीरे वह अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक कंटेंट जुटाने में इतना डूब गया कि उसने इसे ही अपना अवैध कारोबार बना लिया.

टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर बनाए 21 सीक्रेट ग्रुप और चैनल
पुलिस के मुताबिक विकास सिंह ने वर्ष 2020 से टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर गुप्त नेटवर्क तैयार करना शुरू किया. उसने करीब 21 सीक्रेट चैनल और ग्रुप बना रखे थे, जहां अश्लील वीडियो, प्राइवेट क्लिप और आपत्तिजनक फोटो शेयर किए जाते थे. जांच के दौरान पुलिस को करीब 10 हजार अश्लील वीडियो और 40 हजार आपत्तिजनक फोटो मिलने की जानकारी सामने आई है. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस नेटवर्क से करीब 7 हजार यूजर्स जुड़े हुए थे, जिनमें आठवीं से इंटर तक के नाबालिग छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं.

सब्सक्रिप्शन प्लान बनाकर चलाता था ऑनलाइन कारोबार
हरदोई के सीओ सिटी अंकित मिश्रा के अनुसार आरोपी ने इस पूरे नेटवर्क को ऑनलाइन बिजनेस की तरह चला रखा था. वह यूजर्स को अलग अलग सब्सक्रिप्शन प्लान बेचता था. पुलिस के मुताबिक 350 रुपए में मंथली प्लान, 450 रुपए में क्वार्टरली प्लान और 600 रुपए में हाफ इयरली प्लान देकर लोगों को अपने प्राइवेट चैनलों का एक्सेस दिया जाता था. इन चैनलों पर लोगों के निजी स्पेस से जुड़े अश्लील वीडियो और फोटो उपलब्ध कराए जाते थे.

गूगल लेंस और तकनीक की मदद से खोजता था वीडियो
जांच में यह भी सामने आया कि विकास तकनीकी रूप से काफी शातिर था. पुलिस का कहना है कि अगर उसे किसी वीडियो का छोटा क्लिप या स्क्रीनशॉट भी मिल जाता था, तो वह गूगल लेंस और दूसरी तकनीकों की मदद से उस वीडियो की असली फाइल और लोकेशन तक पहुंच जाता था. इसके बाद वह वीडियो डाउनलोड कर अपने टेलीग्राम चैनलों पर अपलोड कर देता था. पुलिस के अनुसार उसने अपनी इंजीनियरिंग और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल गलत गतिविधियों के लिए किया.

एक शिकायत से खुल गया पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हरदोई के एक नाबालिग छात्र का अश्लील वीडियो टेलीग्राम चैनल पर अपलोड होने की शिकायत सामने आई. इसके बाद 17 मई 2026 को हरदोई साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया. शहर कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर रोशन सिंह की तहरीर पर जांच शुरू हुई. पुलिस ने बेहद सावधानी से जाल बिछाया और मुखबिर के जरिए आरोपी के चैनल का सब्सक्रिप्शन लेने की कोशिश की. विकास सिंह ने सब्सक्रिप्शन के लिए 350 रुपए मांगे और बैंक अकाउंट नंबर भेज दिया. पुलिस के मुताबिक यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई.

बैंक खातों में मिले 1 करोड़ 20 लाख रुपए के लेनदेन
जैसे ही साइबर टीम ने आरोपी के बैंक खातों की जांच शुरू की, पुलिस भी हैरान रह गई. जांच में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया में जुटी है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार किन किन राज्यों तक फैले थे और इसमें और कौन लोग शामिल हो सकते हैं. 

आरोपी को जेल भेजा गया, कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एसडीएम सदर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 और आईपीसी की धारा 294 समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इंटरनेट से डाउनलोड किए गए कंटेंट के अलावा उसके पास और कौन कौन से स्रोत मौजूद थे.

बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर बड़ा अलार्म बना मामला
यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरनेट और सोशल मीडिया की उस खतरनाक दुनिया की तस्वीर दिखाता है जहां नाबालिग बच्चों तक गलत कंटेंट पहुंचाया जा रहा है. जिस तकनीक का इस्तेमाल युवा अपना भविष्य बनाने के लिए करते हैं, उसी तकनीक का उपयोग आरोपी ने समाज में अश्लीलता फैलाने के लिए किया. हरदोई पुलिस ने इस नेटवर्क का पर्दाफाश जरूर कर दिया है, लेकिन यह घटना अभिभावकों के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत भी बनकर सामने आई है. अब खतरा केवल बाहर की दुनिया में नहीं, बल्कि बच्चों के मोबाइल फोन और इंटरनेट स्क्रीन के भीतर भी मौजूद है.
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