Jamshedpur: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने सोनारी विमानतल (एयरपोर्ट) के विस्तारीकरण से जुड़ी समस्या और जनआक्रोश के मुद्दे पर आज टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट और टीयूआईएसएल (TUISL) के अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता की।
विधायक ने बताया कि उन्होंने कल सोनारी और कदमा छोर का दौरा किया था और विस्तार योजना से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया कि लोगों में यह भ्रम फैल गया है कि एयरपोर्ट विस्तार के कारण चर्च और चर्च से सटा मैदान एवं सोनारी से सर्किट हाउस होकर बिष्टुपुर जाने वाली मुख्य सड़क प्रभावित होगी।
सरयू राय ने बताया कि यह आशंका इसलिए गहराई क्योंकि टाटा स्टील प्रबंधन ने बिना जन-सहमति के लाल लकीरें खींच दीं, जिससे लोगों को यह लगा कि चर्च और मैदान को हटाया जा सकता है।
टाटा स्टील और TUISL के अधिकारियों ने विधायक को बताया कि डीजीसीए (DGCA) ने चेतावनी दी है कि यदि सोनारी छोर की ओर रनवे का विस्तार नहीं किया गया तो एयरपोर्ट का लाइसेंस रद्द हो सकता है और वहां से विमानों का संचालन बंद हो जाएगा।
इस पर सरयू राय ने डीजीसीए के निर्देशों का अध्ययन कर सुझाव दिया कि ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे डीजीसीए की अपेक्षाओं के अनुरूप रनवे का विस्तार भी हो और चर्च, मैदान और सड़क को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
वार्ता के बाद टाटा स्टील और TUISL प्रबंधन ने नया रनवे विस्तार डिजाइन प्रस्तुत किया, जिसमें
रनवे की लंबाई आवश्यक न्यूनतम सीमा में रखी गई है।
सोनारी से सर्किट हाउस-बिष्टुपुर जाने वाली सड़क को हल्का मोड़ (कर्व) दिया गया है ताकि यातायात बाधित न हो।
चर्च को पूरी तरह विस्तार क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
मैदान का केवल एक-चौथाई से भी कम हिस्सा रनवे में आएगा।
मैदान की उतनी ही जमीन बाईं ओर से जोड़कर उसका विस्तार किया जाएगा ताकि कुल क्षेत्रफल जस का तस बना रहे।
यह मैदान आगे भी सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा, जहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
सरयू राय ने बताया कि उन्होंने इस संशोधित डिजाइन की जानकारी सोनारी के स्थानीय प्रतिनिधियों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप कुमार बलमुचू को भी दे दी है। उन्होंने टाटा स्टील अधिकारियों से भी आग्रह किया है कि वे बलमुचू को औपचारिक रूप से जानकारी दें ताकि सभी पक्ष संतुष्ट हों।
विधायक ने उम्मीद जताई कि इस पहल से जनआक्रोश की स्थिति समाप्त होगी और जनहित व डीजीसीए की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाते हुए समस्या का समाधान हो जाएगा।