Palamu News: पलामू में बालू माफियाओं का आतंक एक बार फिर सिर चढ़कर बोल रहा है. जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र के सीढा गांव में सोमवार देर रात प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण भगत और उनकी टीम पर हमला करने की कोशिश की गई. जानकारी के मुताबिक बीडीओ अवैध बालू उठाव की शिकायत पर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान बालू माफियाओं ने उन्हें जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की.
बीच रात जब अधिकारी कार्रवाई में जुटे थे, तभी बिना नंबर वाला ट्रैक्टर तेज रफ्तार में उनकी ओर बढ़ा. चालक ने पूरी ताकत से ट्रैक्टर को बीडीओ की तरफ मोड़ा लेकिन श्रवण भगत और उनकी टीम ने किसी तरह अपनी जान बचाई. ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पास की एक झोपड़ी में जा घुसा. झोपड़ी में मौजूद लोग तो बाल-बाल बच गए लेकिन अंदर बंधे मवेशी घायल हो गए. घटना के बाद ट्रैक्टर चालक और बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए.
सूचना मिलते ही उंटारी रोड थाना की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की गई. मंगलवार सुबह बीडीओ और थाना प्रभारी ने घटनास्थल का जायजा लिया और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की. श्रवण भगत ने बताया कि ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं था और अवैध रूप से बालू की ढुलाई की जा रही थी. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.
इस घटना के बाद प्रशासनिक अमले में भी आक्रोश है. अधिकारी अवैध खनन रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं लेकिन बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे प्रशासनिक अधिकारियों की जान लेने से भी नहीं चूक रहे हैं.
पलामू की यह घटना सिर्फ एक अधिकारी पर हमला नहीं बल्कि सिस्टम पर सीधा वार है. यह बताता है कि बालू माफियाओं का नेटवर्क कितना मजबूत और निडर हो चुका है. सरकारी तंत्र के नाक के नीचे खुलेआम अवैध खनन हो रहा है और जब अधिकारी कार्रवाई करते हैं तो उन्हें ही निशाना बनाया जाता है. अब सवाल यह है कि क्या कानून का डर खत्म हो गया है या प्रशासन की सख्ती सिर्फ कागजों तक सीमित है. अगर ऐसे माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सरकारी अधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे और अवैध खनन की जड़ें और गहरी होती जाएंगी.