Jharkhand News: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में मंगलवार की सुबह ऊर्जा और उत्साह से भरी रही. झारखंड राज्य स्थापना के 25वें गौरवशाली वर्ष के अवसर पर “रन फॉर झारखंड” कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बापू वाटिका से इस दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं.
इस कार्यक्रम के साथ ही मुख्यमंत्री ने झारखंड रजत जयंती समारोह और धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के वर्षभर चलने वाले आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड का 25वां वर्ष गौरव, संकल्प और विकास का प्रतीक है. यह राज्य हमारे पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान से बना है. “रन फॉर झारखंड” एकता, सम्मान और विकास की भावना को और मजबूत करने का प्रतीक है.
मोरहाबादी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सीपी. सिंह, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, विद्यार्थी, खिलाड़ी और नागरिक शामिल हुए. पूरे मैदान में युवाओं का उत्साह देखने लायक था. सभी ने एक स्वर में झारखंड की एकता और प्रगति का संदेश दिया.
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पूरे झारखंड में उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा. सरकार ने इस मौके पर कई विकासपरक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है.
“रन फॉर झारखंड” सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं बल्कि राज्य की एकता, पहचान और उम्मीदों का प्रतीक बन गया है. झारखंड अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, लेकिन अब भी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी चुनौतियां उसके सामने खड़ी हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह आयोजन जनता के बीच राज्य गौरव का भाव जगाने का प्रयास है. हालांकि, आने वाले वर्षों में यह देखना होगा कि इस जज्बे को विकास की दिशा में कैसे बदला जाता है ताकि झारखंड सच में उस सपने का राज्य बन सके जिसके लिए उसके पूर्वजों ने संघर्ष किया था.