Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने देश के केंद्रीय और राज्य सूचना आयोगों में लम्बे समय से लंबित सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र और कई राज्यों को निर्धारित समयसीमा में चयन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।
झारखंड के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष रूप
झारखंड के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष रूप से सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के मुख्य सचिव को 45 दिनों के भीतर रिक्त पदों को भरने और अनुपालन शपथ पत्र (हलफनामा) दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य
यह सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ में हुई। अदालत ने कहा कि नियुक्तियों में हो रही देरी सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act) के उद्देश्यों को कमजोर कर रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर असर पड़ रहा है।
पीठ ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों
पीठ ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी सूचना आयोगों में खाली पड़े पदों पर चिंता व्यक्त की और निर्देश दिया कि ये राज्य तीन सप्ताह के भीतर चयन प्रक्रिया शुरू करें और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें।
इसके साथ ही, बिहार, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और महाराष्ट्र सरकारों
इसके साथ ही, बिहार, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और महाराष्ट्र सरकारों को लंबित अपीलों और शिकायतों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पद स्वीकृत करने पर विचार करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2025 की तिथि निर्धारित की है।