Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-11-06

Jharkhand News: झारखंड में जलवायु परिवर्तन का मंडरा रहा खतरा, कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं की पहचान की कवायद शुरू

Jharkhand News: झारखंड पर जलवायु परिवर्तन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और समुदायों पर ग्लोबल वार्मिंग का दबाव अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है. देश के सबसे अधिक जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल झारखंड के लिए यह खतरा आने वाले वर्षों में और गंभीर रूप ले सकता है.

राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड में अल्पावधि में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक और दीर्घावधि में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की आशंका है. इसे देखते हुए विभाग ने कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं की पहचान की दिशा में काम तेज कर दिया है. यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

कार्बन क्रेडिट परियोजनाएं दरअसल ऐसी पहलें हैं जो वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और वातावरण को स्वच्छ बनाने में मदद करती हैं. इन परियोजनाओं के तहत जो भी संस्थान या देश अपने उत्सर्जन को घटाने या संतुलित करने का प्रयास करते हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट के रूप में एक प्रमाण पत्र दिया जाता है. एक कार्बन क्रेडिट का मतलब होता है वायुमंडल से एक टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम करना या हटाना.

विभाग के अनुसार राज्य में कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं के तहत कई क्षेत्रों में काम शुरू किया जाएगा. इनमें नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना शामिल है, जैसे सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना. साथ ही वृक्षारोपण और पुनर्वनीकरण के माध्यम से कार्बन अवशोषण को बढ़ाने की योजना है. उद्योगों और घरों में ऊर्जा दक्षता सुधारने के प्रयास भी किए जाएंगे ताकि ऊर्जा की बर्बादी को रोका जा सके.

इसके अलावा समुदाय आधारित कुशल चूल्हों और सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की भी योजना है. बंद पड़ी कोयला खदानों और क्षरित भूमि के पुनर्ग्रहण के जरिए पौधारोपण का अभियान चलाने की तैयारी है ताकि पर्यावरणीय संतुलन बहाल हो सके.

विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड के लिए यह पहल बेहद जरूरी है क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खनन और औद्योगिक गतिविधियों पर निर्भर है जो पर्यावरण को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं. ऐसे में कार्बन क्रेडिट परियोजनाएं राज्य के लिए दोहरा लाभ दे सकती हैं. एक ओर यह पर्यावरण संरक्षण में मदद करेंगी और दूसरी ओर आर्थिक संसाधनों का नया स्रोत बनेंगी.

झारखंड में जलवायु परिवर्तन सिर्फ पर्यावरणीय संकट नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी बनता जा रहा है. राज्य के सामने अब यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वह विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखे. कार्बन क्रेडिट परियोजनाएं इस दिशा में उम्मीद की एक किरण हैं, लेकिन इन योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें जमीनी स्तर पर कितनी पारदर्शिता और सहभागिता के साथ लागू किया जाता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !