Jharkhand Big News: जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र से दो नाबालिग युवकों के अपहरण के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जामताड़ा पुलिस ने दोनों अपहृत किशोरों को सकुशल बरामद कर लिया है और घटना में शामिल 5 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में आजाद अंसारी, श्री अंसारी, समद अंसारी, शिवलाल मरांडी और अब्दुल हबीब शामिल हैं. इनमें आजाद अंसारी देवघर जिले के मार्गो मुंडा के रहने वाले हैं, जबकि श्री अंसारी गिरिडीह के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं.
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, एक बोलेरो गाड़ी और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है. यह पूरी घटना करमाटांड़ थाना क्षेत्र के साइबर हब इलाके में हुई थी. पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर को अपराधियों ने दो नाबालिग युवकों का अपहरण कर उनके परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. अपहरणकर्ताओं ने परिवार को धमकी दी थी कि फिरौती नहीं देने पर युवकों की हत्या कर दी जाएगी.
इस घटना को लेकर 3 नवंबर को करमाटांड़ थाना में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई. मामला दर्ज होते ही जामताड़ा पुलिस हरकत में आई और एसपी राजकुमार मेहता के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया. जांच में खुलासा हुआ कि गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा के अपराधियों का एक संगठित गिरोह इस अपहरण की साजिश में शामिल था. इसके बाद पुलिस ने गिरिडीह पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया और अपहृत दोनों किशोरों को मुक्त कराया.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि एक नाबालिग को धरमपुर में एक आदिवासी व्यक्ति के घर में बंधक बनाकर रखा गया था, जबकि दूसरे नाबालिग की पहचान सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं की गई है. एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि इस गिरोह में कुल 16 अपराधी शामिल हैं. बाकी फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है. उन्होंने कहा कि यह गिरोह फिरौती के लिए अपहरण और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देता है.
फिलहाल जामताड़ा पुलिस ने गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले में आगे की जांच जारी है.
जामताड़ा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखा दिया है कि संगठित अपराध पर नकेल कसने में प्रशासन कितनी तत्परता दिखा रहा है. झारखंड के कई जिलों में फैल रहे अपहरण और फिरौती के मामलों पर यह सफलता कानून व्यवस्था के लिए राहत की खबर है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल दो नाबालिगों की जान बची, बल्कि यह संदेश भी गया कि अपराध के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी.