इस राष्ट्रीय स्तर के कला शिविर का संचालन शहर की जानी
इस राष्ट्रीय स्तर के कला शिविर का संचालन शहर की जानी-मानी पेंटर मुक्ता गुप्ता द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस चार दिवसीय वर्कशॉप में न केवल पेंटिंग की विभिन्न शैलियों—जैसे कि आधुनिक कला, लोककला, और एब्सट्रैक्ट पेंटिंग—पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि कला के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों, नई तकनीकों के उपयोग और कला बाज़ार की बदलती प्रवृत्तियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
पहले दिन के उद्घाटन सत्र में स्थानीय कलाकारों, कला विद्यार्थियों और संस्कृति प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। श्रीमती मुक्ता गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि –
आज के समय में कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज से संवाद का सशक्त ज़रिया है। हमें युवा पीढ़ी को इस दिशा में प्रेरित करना चाहिए ताकि वे अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत कर सकें।”
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को प्रायोगिक कला सत्र, ओपन डिस्कशन, लाइव पेंटिंग प्रदर्शन, और मेंटरशिप प्रोग्राम के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। देशभर से आए कलाकारों में दिल्ली, मुंबई, जयपुर, रांची, पटना, कोलकाता, और भोपाल के प्रतिभागी शामिल हैं।
सेमिनार के अंतिम दिन कला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया
सेमिनार के अंतिम दिन कला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें इन चार दिनों के दौरान तैयार की गई चुनिंदा पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी में आम नागरिकों को भी आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे देश के विभिन्न हिस्सों की कलात्मक विविधता को नज़दीक से देख सकें।
यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर
यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करेगा, बल्कि जमशेदपुर को कला के क्षेत्र में एक नए आयाम पर भी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।