Jharkhand News: रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें शराब घोटाले के आरोपी विधु गुप्ता और विक्की भलोटिया जेल के भीतर नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद कारा प्रशासन में हड़कंप मच गया है. मामले को संज्ञान में लेते हुए जेल आईजी ने कार्रवाई की है और बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के सहायक जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद यादव को निलंबित कर दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार यह वीडियो जेल के एक विशेष हॉल का है जहां कुछ कैदियों को अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं. वीडियो में जो दो लोग नाचते नजर आ रहे हैं उनमें से एक विधु गुप्ता है जो प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी का एमडी है. उस पर झारखंड और छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम आपूर्ति करने और दोनों राज्यों के अधिकारियों को करोड़ों रुपए का कमीशन देने का आरोप है. एसीबी ने उसे जुलाई में गिरफ्तार किया था लेकिन चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण उसे डिफॉल्ट बेल मिल गई थी. वहीं दूसरा आरोपी विक्की भलोटिया है जो मनी लांड्रिंग के मामले में रांची जेल में बंद है.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचा. हाई प्रोफाइल कैदियों को इतनी सुविधाएं कौन उपलब्ध करा रहा है. यह पहला मौका नहीं है जब जेल से इस तरह के वीडियो सामने आए हैं. कुछ समय पहले हजारीबाग जेल में बंद एक कैदी के पास मोबाइल मिलने के बाद वहां के जेलर समेत कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था. पिछले महीने भी बिरसा मुंडा जेल के कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी.
यह मामला झारखंड की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. जेलों में कैदियों के विशेषाधिकार और मोबाइल फोन जैसी सुविधाएं यह दर्शाती हैं कि सिस्टम में भीतर तक मिलीभगत है. जब हाई प्रोफाइल कैदियों को इस तरह की सहूलियतें मिलती हैं तो यह न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी चोट करती हैं. अगर इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जेलें सजा काटने की जगह सत्ता और पैसे वालों के आरामगाह बन जाएंगी.