Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-11-04

Guru Nanak Jayanti 2025: गुरु नानक जयंती कल, जानें गुरु पर्व का महत्व

Guru Nanak Jayanti 2025: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती इस साल 5 नवंबर को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 5 नवंबर को शाम 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. सिख समुदाय इसे गुरुपर्व या प्रकाश पर्व के रूप में उत्साह और श्रद्धा से मनाता है. यह पर्व समानता प्रेम और सेवा का प्रतीक है जो गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को याद करने का अवसर देता है.

धार्मिक मान्यता है कि गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में कार्तिक पूर्णिमा को हुआ था. यही कारण है कि हर साल इसी तिथि पर प्रकाश पर्व मनाया जाता है. कुछ मतों में जन्म अप्रैल माना जाता है लेकिन सिख संगठन कार्तिक महीने को ही मान्यता देते हैं. इस दिन को ज्ञान के प्रकाश फैलने का प्रतीक माना जाता है.

प्रकाश पर्व की तैयारियां दो दिन पहले शुरू हो जाती हैं. अखंड पाठ साहिब में 48 घंटे गुरु ग्रंथ साहिब का निरंतर पाठ होता है जो पर्व के दिन पूरा होता है. नगर कीर्तन में पालकी में गुरु ग्रंथ साहिब रखकर शबद कीर्तन गाते हुए जुलूस निकलता है. गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन प्रवचन होते हैं जहां गुरु जी के उपदेश सुनाए जाते हैं. लंगर में सभी जाति धर्म के लोग एक साथ भोजन करते हैं जो समानता का संदेश देता है. श्रद्धालु सेवा दान गरीबों को भोजन कराते हैं. घरों में दीप जलाए जाते हैं गुरुद्वारे सजाए जाते हैं.

यह पर्व गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं को याद करने का माध्यम है. समानता, प्रेम, सेवा, ईमानदारी पर जोर देते हुए जाति धर्म से ऊपर उठकर भाईचारा अपनाने का संकल्प लिया जाता है.

प्रकाश पर्व सिख धर्म की मूल भावना, समानता और सेवा को जीवंत रखता है जहां लंगर और कीर्तन सामाजिक एकता का प्रतीक बनते हैं. कार्तिक पूर्णिमा का चुनाव गुरु नानक के जन्म से जुड़ा है जो परंपरा को मजबूत करता है. कुल मिलाकर यह पर्व न केवल धार्मिक है बल्कि मानवीय मूल्यों की याद दिलाता है जो आज के विभाजित समाज में प्रासंगिक है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !