Jharkhand News: हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल 2023 परीक्षा में कथित अनियमितता पर सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर अंतरिम आदेश को अगले निर्देश तक बनाए रखा. मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद मामला 3 नवंबर को सूचीबद्ध किया. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि सीआईडी जांच में पेपर लीक के कोई सबूत नहीं मिले. अलग अलग वर्षों के कुछ प्रश्न दोहराए गए लेकिन इसे लीक नहीं माना जा सकता. गेस क्वेश्चन की बात भी है और संतोष मस्ताना से पूछताछ में लीक की पुष्टि नहीं हुई.
हस्तक्षेपकर्ताओं ने भी पक्ष रखा. जेएसएससी की तरफ से संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार मौजूद रहे. याचिकाकर्ता प्रकाश कुमार और अन्यों ने परीक्षा रद्द करने सीबीआई जांच कराने की मांग की. आरोप है कि पेपर लीक हुआ सील खुला था और बड़ी संख्या में प्रश्न रिपीट हुए. परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2023 को हुई जिसमें 3 लाख 4 हजार 769 अभ्यर्थी शामिल हुए. 2025 पदों पर नियुक्ति होनी है.
यह मामला झारखंड की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है. कोर्ट का स्टे अभ्यर्थियों के हक में है लेकिन रिजल्ट रुकने से मेधावी छात्र प्रभावित हो रहे हैं. सरकार का दावा जांच में लीक नहीं मिला लेकिन याचिकाकर्ताओं के आरोप गंभीर हैं. अगर सीबीआई जांच हुई तो पूरी सच्चाई सामने आएगी लेकिन देरी युवाओं का समय बर्बाद करेगी. कुल मिलाकर हाईकोर्ट की सतर्कता सराहनीय है पर जल्द फैसला जरूरी ताकि पारदर्शिता बनी रहे.